Home » Posts tagged "Herbal Plant"

What is Herb in today’s world

Herbs are the ‘medicinal plants’ used to treating and curing ailments as well as enhancing the health, vigour and   vitality of an individual. Other than this, herbs have also been associated with providing seasoning, flavoring and essence to the food items. Today, herbs find immense usage in the field of medicine, food industry and also in manufacturing of beauty products. The simple herbs that can be grown in your own...

Read More »

“Elephant Foot Yam (सुरन)” Advantages and Properties in Ayurveda

सुरन सुरन का पौधा छोटे कद का होता है । इसके पत्ते बहुत बड़े होते हैं । यह प्राकृतिक रूप से पैदा होता है । लाभ तथा गुण सुरन गर्मी बढ़ता है । रूखा, स्वाद में कसैला है । शरीक के जिस भाग पर लग जाए वहीँ खुजली शुरू हो जाती है । खांसी को दूर करे कब्ज को नष्टकर पेट साफ करने वाला बवासीर रोगियों को भी लाभ पहुंचाए...

Read More »

“Red chilly (लाल मिर्च)” beneficial in Mad dog bites, hurt eyes, Scorpion bites and more uses in Ayurveda

लाल मिर्च भारत में तो लाल मिर्च की पैदावार भी खूब है और इसके खाने वालों की संख्या भी कुछ कम नहीं । हालांकि डॉक्टर, वैद्द, हकीम सब के सब इस बात को कहते है कि लाल मिर्च का अधिक सेवन स्वस्थय के लिए नुकसानदायक है परंतु फिर भी लोग खाते हैं और खूब खाते हैं । लाल मिर्च और हरी मिर्च के पौधे एक जैसे होते हैं । परंतु...

Read More »

“Sugarcane (गन्ना)” is beneficial for cough, Calculus, blood disorder

गन्ना गन्ने का नाम सुनते ही अनेक लोगों के मुंह में पानी भर आएगा । गन्ना खेतों में खेती के रूपमें हमें मिलता है । गन्ने से बनते हैं – गुड़, शक्कर, चीनी, गन्ने का रस गन्ना प्राकृतिक उपज नहीं । इसे खेतों में बोया जाता है । लाभ तथा गुण वैसे तो गन्ने तथा इससे बनने वाली वस्तुएं मानव जीवन का एक विशेष अंग बनकर रह गयी हैं |...

Read More »

“Sesame (तिल)” beneficial in Constipation Disease, Piles and more in Ayurveda

तिल तिल के पौधों की भी खेती होती है । किसान लोग इसे फसल के रूप में पैदा करते हैं । इसके पौधे सरसों के पौधों जितने होते हैं । उन पर फल के रूप में जो फलियां लगती हैं उनके अंदर पतले-पतले छोटे आकार के सफेद तथा काले तिल निकलते हैं । गुण तथा लाभ मानव जीवन को स्वास्थ रखने के लिए तिल को काफी उपयोगी माना जाता है...

Read More »

“Dry Ginger (सांतव सोंठ)” multiple uses in Ayurveda

सांतव सोंठ सोंठ वादी को मारने वाली एक जड़ी है । इसका सेवन करने के लिए – सोंठ 10 ग्राम गुड़ 40 ग्राम इन दोनों को मिलाकर खाने से हर प्रकार कर दर्द शरीर में से बहार निकल जाता है । 10 ग्राम सोंठ को पीसकर नमक में मिलाकर घी में तल लें । अब इसे थोड़ा-थोड़ा सुबह-शाम खाना शुरू करें तो आपका शरीर चुस्त रहेगा । सफेद मुसी इससे...

Read More »

“Fig (अंजीर)” Advantages and benefits in Ayurveda

अंजीर यह अपने-आप में ह एक फलदार वृक्ष है, जो बागों में अनेक फलदार वृक्षों के साथ ही लगा रहता है । इसे पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है । इन के पत्ते बड़े-बड़े और फल अखरोट के आकार के होते हैं, जो पकने पर नरम हो जाते हैं । लाभ तथा गुण अंजीर का पका हुआ फल खाने से सर्दी दूर हो जाती है । खून साफ होता...

Read More »

“Maidenhair Fern (हंसराज)” multiple uses in Ayurveda

हंसराज यह भी प्राकृतिक रूप से पैदा होने वाली बूटी है । इसे जंगलों और मैदानी क्षेत्रों में बराबर पाया जाता है । जैसे आप चित्र में देख रहे हैं । इसकी पत्तियां हंस के पांव जैसी लग रही है । इसलिए इसे हंसराज के नाम से पुकारा जाता है । हंस ही इसकी पहचान बन गया है । नकसीर तथा अन्य नाक रोग हंसराज 10 ग्राम गुर्च का सत...

Read More »

“Cuckoo (Aparajita)” white Cuckoo and Blue Cuckoo advantages and properties in Ayurveda

कोयल यह जड़ी खुले मैदानों और जंगलों में पाई जाती है । इसके पत्ते छोटे गुलाब की भांति होते हैं । इस पर फल के रूप में लंबी फलियां लगती हैं । लाभ तथा गुण कोयल दो प्रकार की होती है – 1. सफेद कोयल 2. नीली कोयल इन दोनों के गुण करीब-करीब तो मिलते हैं परंतु फिर भी उपयोग में अंतर उसी प्रकार से आता है, जैसे काला जीरा...

Read More »

Medicine uses of “सिंघाडा” (Water Chestnut) in Ayurveda

सिंघाडा न धरती, न आकाश, सिंघाड़ा इन दोनों में से कहीं पैदा नहीं होता, इसका जन्म केवल पानी के अंदर होता है | हरे रंग का सिंघाडा एक ऐसे जल का फल है जिसे कच्चा-पक्का दोनों ही रूपों में खाया जाता है | हरे रंग के सख्त छिलके के अंदर नर्म तथा सफ़ेद रंग का गूदेदार फल निकलता है, जिसके द्वारा हम इन रोगों का उपचार कर सकते हैं :...

Read More »

Medicinal uses of “Oleander” “Kaner” in Ayurveda

Oleander (Kaner) Oleander plant, is quite spread. There are two types of Flower. So with a Flower white, white oleander, which we recall the name of the second, with  red  Flower oleander, which mostly comes into view. Those who have bad blood, or are suffering from skin diseases, the root of the oleander boil 100 grams of 4 kg Dus stay. Freezing the milk to make the cheese, then create butter ghee...

Read More »

Medicinal uses of “Guldaudi (Yellow flower)” in Ayurveda

गुलदाऊदी (पीले फुल वाली) गुलदाऊदी के फुल ख़ुशी के अवसरकी सोभा बढ़ाते हैं | इस पौधे का मानव जीवन में कोई अधिक उपयोग नहीं | यह अधिकतर अतर बनाने के काम में ही आता है जिसकी गंध से सर दर्द और बेचैनी दूर हो जाती है | इसकी वेळ काफी फैली हुई होती है, जो अक्सर धरती पर बिछी रहती है | इनमें से कुछ बेलें वृक्षों पर भी चढ़...

Read More »