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न्यूमोनिया (Pneumonia)

Pneumonia-Symptoms, Reasons, Causes

 

परिचय:-

न्यूमोनिया एक प्रकार का संक्रामक रोग है। इस रोग के कारण रोगी के दोनों फेफडों में तेज दर्द तथा सूजन आ जाती है। न्यूमोनिया रोग होने का सबसे मुख्य कारण ठंड लगना है। इस रोग के हो जाने के कारण रोगी की छाती में तेज दर्द होता है और सांस लेने में परेशानी होने लगती है। इस रोग के कारण रोगी व्यक्ति को बहुत अधिक ठंड लगती है। इस रोग में रोगी को 105 डिग्री तक बुखार हो जाता है तथा रोगी की नाड़ी की गति 150 प्रतिमिनट तक पहुंच जाती है। इस रोग के होने का प्रमुख कारण कीटाणुओं, वायरस और फगंस का संक्रमण है। न्यूमोनिया रोग के हो जाने के कारण प्लूरुसी रोग भी हो सकता हैं या फिर रोगी के फेफड़ों में दर्द भी हो सकता है।

          प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार न्यूमोनिया रोग होने पर रोगी व्यक्ति को सबसे पहले इस रोग के होने के कारणों को दूर करना चाहिए फिर इसका उपचार प्राकृतिक चिकित्सा से कराना चाहिए।

न्यूमोनिया रोग का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार

न्यूमोनिया रोग को ठीक करने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को तब तक उपवास रखना चाहिए जब तक कि उसके शरीर में न्यूमोनिया रोग होने के लक्षण दूर न हो जाए। फिर इसके बाद दालचीनी के काढ़े में कालीमिर्च और शहद मिलाकर खुराक के रूप में लेना चाहिए। इससे रोगी व्यक्ति को बहुत अधिक लाभ मिलता है।

अगर किसी व्यक्ति को न्यूमोनिया बुखार है तो उसे लहसुन का काढ़ा बनाकर पिलाना चाहिए।

इस रोग में रोगी व्यक्ति को उपवास रखने के बाद धीरे-धीरे फल खाने शुरू करने चाहिए तथा इसके बाद सामान्य भोजन सलाद, फल तथा अंकुरित दाल का सेवन करना चाहिए। इस प्रकार से उपचार करने से न्यूमोनिया रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।

न्यूमोनिया रोग से पीड़ित रोगी का बुखार ठीक करने के लिए प्रतिदिन रोगी को गुनगुने पानी का एनिमा देना चाहिए तथा इसके बाद उसके पेट पर मिट्टी की गीली पट्टी लगानी चाहिए और फिर आवश्यकतानुसार रोगी को गर्म या ठण्डा कटिस्नान तथा जलनेति भी कराना चाहिए। इसके फलस्वरूप न्यूमोनिया रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।

यदि न्यूमोनिया रोग का प्रभाव बहुत तेज हो तो रोगी के माथे पर ठंडी गीली पट्टी रखनी चाहिए तथा शरीर पर स्पंज, गीली चादर लपेटनी चाहिए और फिर इसके बाद उसे गर्म पाद स्नान क्रिया करानी चाहिए। इस प्रकार से प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा उपचार करने से न्यूमोनिया रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।

न्यूमोनिया रोग से पीड़ित रोगी को जिस समय बुखार तेज नहीं हो उस समय उसे कुंजल क्रिया करानी चाहिए। इससे न्यूमोनिया रोग में बहुत अधिक लाभ मिलता है।

यदि न्यूमोनिया रोग से पीड़ित रोगी को ठंड लग रही हो तो उसके पास में गर्म पानी की बोतल रखकर उसे कम्बल औढ़ा देना चाहिए। इससे रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है।

रोगी के शरीर पर घर्षण क्रिया करने से न्यूमोनिया रोग बहुत जल्दी ठीक हो जाता है।

न्यूमोनिया रोग से पीड़ित रोगी को पूर्ण रूप से आराम करना चाहिए तथा इसके बाद रोगी को अपना इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से कराना चाहिए।

न्यूमोनिया रोग से पीड़ित रोगी को सूर्यतप्त नीली बोतल का पानी 2-2 घंटे के बाद पिलाने से उसका बुखार जल्दी ठीक हो जाता है। इसके फलस्वरूप न्यूमोनिया रोग जल्दी ही ठीक जाता है।

शीतकारी प्राणायाम, शीतली, शवासन तथा योगध्यान करने से रोगी को बहुत अधिक लाभ होता है और न्यूमोनिया रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।

न्यूमोनिया रोग से पीड़ित व्यक्ति को ठण्डा स्पंज स्नान या ठण्डा फ्रिक्शन स्नान कराने से उसके शरीर में फुर्ती पैदा होती है और बुखार भी उतरने लगता है। इसके फलस्वरूप रोगी का न्यूमोनिया रोग ठीक हो जाता है।

रोगी की रीढ़ की हड्डी पर बर्फ की मालिश करने से बुखार कम हो जाता है न्यूमोनिया रोग ठीक हो जाता है।

इस रोग से पीड़ित रोगी को खुले हवादार कमरे में रहना चाहिए, हल्के आरामदायक वस्त्र पहनने चाहिए तथा पर्याप्त आराम करना चाहिए।

जब न्यूमोनिया रोग से पीड़ित रोगी का बुखार उतर जाए और उसकी जीभ की सफेदी कम जाए तो उसे फलो का ताजा रस पीकर उपवास तोड़ देना चाहिए और इसके बाद फलों का ताजा रस, कच्चे सलाद, अंकुरित दालों व सूप का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से रोगी को दुबारा बुखार नहीं होता है और उसका न्यूमोनिया रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है।

न्यूमोनिया रोग से पीड़ित रोगी को संतरे का रस दिन में 2 बार पीना चाहिए। इससे बुखार जल्दी ही ठीक हो जाता है।

न्यूमोनिया रोग से पीड़ित रोगी को तुलसी के पत्तों का सेवन करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।

तुलसी की पत्तियों को उबालकर उसमें कालीमिर्च पाउडर और थोड़ी चीनी मिलाकर पीने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।

न्यूमोनिया रोग से पीड़ित रोगी को दूध नहीं पीना चाहिए लेकिन यदि रोगी को दूध पीने की इच्छा हो तो उसमें पानी मिलाकर हल्का कर लेना चाहिए तथा इसमें 1 चम्मच शहद मिलाकर पीना चाहिए। इसमें चीनी बिल्कुल भी नहीं मिलानी चाहिए। इस प्रकार से रोगी व्यक्ति का उपचार करने से न्यूमोनिया रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।

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