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“Kaunch (कौंच)” is very useful for weakness in Ayurveda

कौंच यह एक बेल होती है, जो फसलों के बीच में ही अपने-आप पैदा होती है । इसके पत्ते लंबे, फुल सेम की भांति ही होते हैं । उन फूलों की जब फलियां बनती हैं, तो उन पर हलके कांटे से आ जाते हैं । इन फलियों में इसके बीज होते हैं । यह दो प्रकार की होती है – 1. बड़ी 2. छोटी । लाभ तथा गुण हर प्रकार...

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“Makoi (मकोय)” herb is very beneficial in Ayurveda

मकोय मकोय का वृक्ष छोटे कद का होता है । इस पर सफ़ेद रंग के फुल आते हैं । इसके फल के गुच्छे होते हैं । यह आम जंगलों, मैदानी क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से जन्म लेता है । इसकी तीन किस्में होती हैं – सफेद छिलके वाली मकोय, जिसके अंदर लाली लिए पीले रंग का फल होता है । यह खाने के काम आती है । कुछ लोग इसे...

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“Nutmeg (जायफल)” uses for Headache, Teeth disease in Ayurveda

जायफल जायफल के वृक्ष मध्यम आकार के होते हैं । यह अधिकतर पहाड़ी क्षेत्र के जंगलों में पाया जाता है । इसकी कोई फसल नहीं बोई जाती बल्कि प्रकृतिक रूप से ही इसका जन्म होता है । इसके पत्ते गुलर के समान तथा फुल महुवे की भांति और फल का नाम जमालघोटा है, जिसके अंदर अरंडी की भांति बीज निकलते हैं । यही बीज जुलाब देने का सबसे सरल और...

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“Duddhi (बड़ी दुद्धी)” is very powerful herbs for increasing body poower

बड़ी दुद्धी इसके वृक्ष जंगलों में तथा मैदानी क्षेत्रों में अधिक पाए जाते हैं । इसकी पहचान के लिए चित्र । यह एक शक्तिवर्धक जड़ी है । इसे पारे और रांगे के बड़ी दुद्दी की नुगदी की किसी मिट्टी के बर्तन में डालकर उपले में रखकर वैद्द लोग उसका भस्म तैयार करते हैं । यही भस्म दूध के साथ सेवन करने से शरीर की कमजोरी एक मास में दूर हो...

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“Tea (चाय)” Benefits and properties of tea in Ayurveda

चाय चाय का चलन तो भारत में पैदावार के हिसाब से बहुत अधिक है और चाय पीने वालों की संख्या भी सर्वाधिक है । चाय का व्यापार करने में भारत विश्व के बड़े देशों में प्रथम स्थान पर आता है । चाय क्या है ? चाय की खेती सर्वाधिक असम तथा बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में होती है । चाय के बाग़ बहुत बड़े-बड़े क्षेत्रों में फैले रहते हैं ।...

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“Amaranth (चौलाई)” beneficial for stomach ailments, fire burn

चौलाई चौलाई का साग बनाकर अधिक लोग खाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए । यह हरी-भरी सब्जी किसी के बोने से पैदा नहीं होती बल्कि अपने-आप ही प्राकृतिक रूप से पैदा होती है । परंतु फिर भी लोग अपने पेट के लिए इसका व्यापार करते हैं । गुण तथा लाभ पेट रोगों के लिए चौलाई के साग को बारीक काटकर 30-40 ग्राम रस निकाल लें फिर उसमें 5 ग्राम सुहागा...

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“Cauliflower (गोभी)” Advantages and Properties in Ayurveda

गोभी गोभी चार प्रकार की होती है । इनमें से फुल गोभी सबसे अधिक लोकप्रिय है । यही सबसे अधिक खाई जाती है । गोभी न कोई जड़ी है न बूटी बल्कि इसका प्रयोग एक साधारण सब्जी भाजी के रूप में होता है । जैसा आपको पहले भी बताया जा चूका है कि गोभी नाम तो एक है परंतु इसके चार अलग-अलग पौधे हैं जिमें से पहला नंबर फूलगोभी का,...

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“Ginger (अदरक)” beneficial for Asthma cough in Ayurveda

अदरक अदरक यदि कच्चा हो तो अदरक और यदि यही अदरक सुख जाए तो सोंठ बन जाता है । यह कोई जड़ी-बूटी नहीं बल्कि धरती के अंदर पैदा होने वाली एक स्वास्थ्य के लिए अति उपयोगी औषधि का काम करता है । आलू की भांति यह भी धरती के अंदर की ही फसल है । इस चित्र के दो भाग आप को साफ दिखाई दे रहे हैं । इनमें पहला...

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