“Husked Green Gram (मूंग)” Advantages and Properties in Ayurveda

मूंग

moongमूंग के पौधे, चने के पौधे की भांति उतने ही कद के होते हैं । इसमें लंबी फलियां लगती हैं जिन में से दाने निकलते हैं ।

यह एक लोकप्रिय डाल है जो भारत में करीब-करीब सब घरों में किसी न किसी रूप में बनती हैं । यदि किसी घर में नहीं भी बनती तो घरवाले इसका नाम तो जानते ही हैं ।

लाभ तथा गुण

पेट रोगों तथा बुखार में रोगी को मुंग की दाल (छिलके वाली) देनी चाहिए । यह दाल बहुत जल्द हजम होती है । इससे अंतड़ियों पर कोई बोझ भी नहीं पड़ता ।

जलने पर

यदि कोई प्राणी आग में जल जाए तो उसके जले हुए स्थान पर मुंग की दाल को पानी में पीसकर लेप तैयार करके लगा दें ।

आम कमजोरी के लिए

मुंग की दाल के लड्डू बराबर वजन का खोया, देसी घी, बादाम की गिरी, चारों मगज, किशमिश डालकर बनाकर घर में रखें ।

सुबह शाम, एक-एक लड्डू गाय के दूध के साथ सेवन करने से कमजोरी दूर हो जाती है ।

Husked Green Gram

moong1Bean plant, plants like gram consists of the same stature. Long beans from which it seems rash.

It is a popular place in India in some form in almost all the houses are made. If a house does not even have family members already know its name.

Advantages and Properties

Stomach ailments and fever patient Mung Dal (with peel) should be given. This pulse is digested very quickly. It does not make any burden on the entrails.

Burns

If any soul on fire at her charred green gram dal in water and apply the paste by grinding ready.

For general weakness

Sweet of the weight lost Mung dal, ghee, almond kernel, four gray matter, by putting raisins in the house.

Morning and evening, each with a sweet cow’s milk intake is weakness.

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