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Medicinal use of Mandrake and Marigold

Mandrake: Podophyllum peltatum (May apple) Part used: Root Ant bilious, cathartic, emetic, diaphoretic, cholagogue, alterative, resolvent , vermifuge, deobstruent. Excellent liver and bowel regulator. Combine with senna. Has no equal in chronic liver disorders. Very beneficial to uterine diseases. Act upon all tissues and cells of the body. Valuable in hepatitis. One teaspoon to one pint of boiling water – one teaspoon of the tea at a time. Good in...

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Medicinal use of Colombo, Coltsfoot and Comfrey

Colombo: Cocculus palmatus Part used : Root Anti-emetic, tonic, febrifuge One of the best and purest tonics to strengthen and tone up the entire system. Useful in fevers, excellent to allay vomiting in pregnancy; colon trouble, even of long standing: chronic diarrhea ,cholera. Taken after overreacting, is a good stomach remedy. Improves appetite. A bitter tonic.  Coltsfoot : Tussilago farfara Part used : Root and leaves Emollient, demulcent, expectorant, pectoral,...

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कटि स्नान से लाभ और कुछ जानने योग्य बातें

कटि स्नान कटि-स्नान को घर्षण स्नान, पेडू नहान, उदर स्नान तथा अंग्रेजी में फ्रिक्शन हिप बाथ व् केवल हिप बाथ भी कहते हैं | पेडू का यह स्नान चूकि घर्षण युक्त होना आवश्यक है, इसलिए इसे घर्षण कटि-स्नान भी कहते हैं | विधि – तकियादार टब लेकर उसमें इतना पानी डालिए कि उसमें बैठने पर वह जंघों और नाभि तक पहुँच जाए, पानी का तापमान 55 डिग्री से 84 डिग्री...

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अलसर से आंतो की बीमारी के कारण तथा उपचार

आँतों का दुश्मन: अल्सर जिस प्रकार मुहं में अथवा जीभ पर चाले हो जाते हैं , उसी प्रकार आमाशय की भीतरी परत पर अथवा छोटी अंत के उपरी हिस्से से जुड़े दुओदिन्म पर यदि चाले हो जाते हैं , तो उन्हें अल्सर कहते हैं | अल्सर, चालों के आकर से भी बड़े होते हैं एवं गहरे भी ज्यादा होते हैं | नासूर की तरह यदि अल्सर आमस्य में हों तो...

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