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Medicinal use of Wintergreen in Rheumatic Fever, Sciatica, Bladder Troubles, Skin Diseases

Wintergreen:  Gaultheria Procumbens Part used: Leaves Stimulant, antiseptic, astringent, diuretic, emmenagogue, cardiac depressant Taken in small frequent doses will stimulate stomach, heart and respiratory tract,. Good in rheumatic fever, sciatica,  all bladder troubles and skin diseases. Valuable in colic. Expels gas. Good for dropsy, cystitis, stomach troubles, bowel obstructions. Oil is valuable in liniments. Poultice is good for boils, swellings, ulcers and felons. Good as a douche for leucorrhoea. Also...

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Medicinal use of Sweet Balm in Fever, Cold, Flu, Nausea, Vomiting 

Sweet Balm: Melissa officinalis Part used: whole herb and flowers Aromatic, emmenagogue, diaphoretic, cephalic Excellent taken hot for fevers, colds and flu. Good for nausea and vomiting. Will quiet and settle the stomach. Good in kidney and bladder troubles, headache, suppressed urine, painful menstruation and female disorders. Lemon juice added to the hot tea is good in fevers and will promote perspiration.

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Medicinal use of Strawberry in Bowel Trouble, Eczema

Strawberry: Fragaria vesca Part used: Leaves Astringent, tonic, diuretic. Fruit is diuretic, refrigerant. Good for a beverage. Tones up the appetite and system. Good for bowel troubles. Cleanses the stomach. Excellent for children good for eczema, externally and internally. Good used in an enema. Water made with the berries is used as a wash for eyes. Takes away film or skin that sometimes grows over the eyes.

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Medicinal use of Gonjia in Stomach Contracts and Fever

गौंजिया इसके पौधे प्राकृतिक रूप से जन्म लेते हैं । आम जंगलों, खुले मैदानों में इसे खूब देखा जा सकता है । लाभ तथा गुण गौंजिया का रस और काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर खाने से हर प्रकार के बुखार दूर हो जाते हैं । पेचिश पेचिश रोगियों को गौंजिया को पीसकर पीना चाहिए । दिन में दो तीन बार ऐसा करने से पेट ठेक हो जाता है । Gunjia...

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Medicinal use of Nisit in Constipation, Worm, Phlem, Spleen, Stomach, Pile and Heart Disease

निसीत निसीत हमें कई रंगों में उपलब्ध होती है । 1. सफ़ेद 2. श्याम 3. लाल 4. काली सफेद निसीत की बेल जंगलों में होती है । इस पर सफेद रंग के फुल आते हैं, उनमें चार-चार बीज होते हैं । इसके पत्ते नुकीले तथा गोल होते हैं । इस बील की लकड़ी में तीन धारे होती हैं । सफेद निसीत को सबसे अच्छा गुणकारी माना जाता है । काली...

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Medicinal use of Harfarevdi “हारफारेवडी” in Stomach Disease and Digestive Disease

हारफारेवडी हारफारेवड़ी का पौधा देखने में बड़ा सुंदर होता है । इसका जन्म प्रकृतिक रूप से मैदानी क्षेत्रों तथा पहाड़ी के आसपास के खुले क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से होता है । इसके पत्ते तीखे, लंबे कम चौड़े होते हैं, जिनका आकार कसौदी के पत्तों जैसा होता है । गुण तथा लाभ हारफारेवड़ी का फल तथा पत्ते सब के सब ही गुणकारी हैं । विशेष रूप से दिल के रोगियों...

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Medicinal use of Rasna in Fever, Stomach Disease and Cough

रास्ना रास्ना एक बेल की भांति बंगाल में प्राचीन वृक्षों पर उत्पन्न होकर फलती-फूलती है, (देखें चित्र, रास्ना की बेल एक पुराने वृक्ष से लिपटी हुई है) | रास्ना के फुल पीले रंग के होते हैं | फलियों के अंदर मोठ की भांति छोटे-छोटे दाने होते हैं | इसकी तासीर गर्म होती है | इसके सेवन से पाचन शक्ति बढ़ती है | खांसी के रोग को दूर करता है |...

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Medicinal use of Orris and Papaya