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“Husked Green Gram (मूंग)” Advantages and Properties in Ayurveda

मूंग मूंग के पौधे, चने के पौधे की भांति उतने ही कद के होते हैं । इसमें लंबी फलियां लगती हैं जिन में से दाने निकलते हैं । यह एक लोकप्रिय डाल है जो भारत में करीब-करीब सब घरों में किसी न किसी रूप में बनती हैं । यदि किसी घर में नहीं भी बनती तो घरवाले इसका नाम तो जानते ही हैं । लाभ तथा गुण पेट रोगों तथा...

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“Wheat (गेहूं)” multiple uses and advantages in Ayurveda

गेहूं ‘अन्न ही जीवन है’, उकित हमारे लिए सटीक बैठती हैं मानव जीवन को चलाए रखने के लिए अन्न सब से बड़ा एकमात्र साधन है । उस अन्न का सवर्प्रथम और प्रथम अंग है गेहूं । गेहूं का पौधा आधे मीटर से एक मीटर तक बड़ा होता है । जब गेहूं पककर तैयार होता है तो उसके सिरे पर लगी बल्लियां पक आती हैं । उन बालियों के अंदर गेहूं...

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“Agsatya (अगसत्य)” beneficial uses for Vata, Pitta, Cough in Ayurveda

अगसत्य अगसत्य के वृक्ष अधिकतर बागों में ही प्रकृति रूप से पाए जाते हैं । इन वृक्ष पर अधिकतर पान की वेल चढ़ी रहती है । इसी कारण इसके पत्तों को उत्तम माना जाता है । इस पर लाल और सफेद फुल लगते हैं । फल बहुत कोमल किस्म के होते हैं । लाभ तथा गुण अगसत्य की तासीर ठंडी, स्वाद कड़वा होता है । इससे वात, पित्ता, खांसी रक्त-पित्त...

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“Hemp (गांजा)” beneficial uses in Ayurveda

गांजा गांजा का नाम जब भी कोई आम आदमी सुनता है तो क्रोध से उसके माथे पर बल पड़ जाते हैं क्योंकि इसका सबंद नशे की लत से जुड़ा हुआ है । नशा कोई भी ही वह कभी अच्छा हो ही नहीं सकता । भांग और गांजा में बहिन भाई का रिश्ता है कियोंकि दोनों एक ही वृक्ष से जन्म लेते हैं । नशे में दोनों बराबर हैं । लाभ...

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“Cranberry (करौंदा)” Advantages and Properties in Ayurveda

करौंदा करौंदा का पेड़ एक वृक्ष की भांति होता है । इसके दो रूप हैं…. एक तो जंगली जो जंगलों में पैदा होते हैं । दूसरी, देसी जो मैदानी क्षेत्रों के खेतों में पैदा होता है । देसी करौंदे काफी बड़े होते हैं | करौंदे की जड़ को पीसकर पिलाने से हर प्रकार के विष प्रभावहीन हो जाते हैं । लाभ तथा गुण करादा की चटनी अरुचि को दूर करती...

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“Moringa Oleifera (सहिजन)” uses for multi disease in Ayurveda

सहिजन यह पुरे भारत में जंगलों और मैदानी क्षेत्रों में मिलता है । बागों में भी यह प्राकृतिक रूप से जन्म लेता है । इसका वृक्ष 8 से 10 मीटर तक उंचा होता है । इसकी त्वचा चिकनी मोटी, भूरे रंग की होती है, परंतु इसकी लकड़ी कमजोर होती है । इस पर मधुरगंधी, स्वेत्वर्ण के होते हैं । इस की फलियां लंब्गी मानव अंगुली की भांति होती हैं ।...

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“Sudarshan (सुदर्शन)” medicinal uses in Ayurveda

सुदर्शन यह सारे भारत में तथा देवस्थानों पर लगा मिलता है । इसका पौधा 4 फुट (1 मीटर) के लगभग लंबा होता है । पत्ते भूमि से निकलते हुए दिखाई देते हैं, जो काफी लंबे होते हैं । इसके फुल बगनी रंग की आभा लिए सुंगधित होते हैं । इसकी कांड 3 से 5 इंच तक लंबी होती है । गुण रुक्षतीक्ष्ण रस मधुर तिक्स्त वीर्य, उष्ण विपाक मधुर लाभ...

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“Chirmiti (Ghumchi), चिरमिटी (घुमची)” Properties and Advantages in Ayurveda

चिरमिटी (घुमची) चिरमिटी का वृक्ष देखने में अदभुत होता है । यह अधिकतर घने जंगलों में पाया जाता है । इसके पत्ते छोटे हरे तथा सुंदर होते हैं । इसके पत्ते ही अधिक उपयोगी माने जाते हैं । गुण तथा लाभ जिगर की गर्मी दूर करे चिरमिटी के पत्तों को मिश्री और छोटी इलायची के साथ मिलाकर चबाने से गर्मी दूर हो जाती है । मुंह के छाले तथा राल...

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