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Medicinal use of Plantain in Sores, Ulcers and Burns

Plantain: Plantago major     Part used: Whole plant Alterative, diuretic, antisyphilitic, antiseptic astringent, deobstrunet, styptic, vulnerary. The American Indians used this herb. Both the narrow and wide leaf are good. Has soothing, cooling, healing effect on sores, ulcers and burns. Fresh leaves (crushed) will check bleeding. Useful for erysipelas, eczema burns and scalds. Make a strong tea and apply often. Inject the tea for hemorrhoids after each stool. For...

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Medicinal use of Catnip and Chickweed

Catnip: Nepeta cataria, Nip Part Used: The whole herb Carminative, stimulant, tonic, diaphoretic, antispasmodic, aphrodisiac Excellent for its quieting effect on the nervous system. Use as an enema for children, especially in convulsions. Very useful in pain of any kind, for spasms, insanity, fevers, colic, hysteria, amenorrhea, emmenagogues, nervous headache. An enemy of catnip will cause urination   when it has stopped. Catnip, sweet balm, marshmallow and sweet weed (liquorice) make...

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“Leadwort (चित्रक)” properties and use of white wort, red wort and black wort

चित्रक (चीता, लाल चीता) चीता एक वृक्ष है, इसकी अनेक जातियां हैं, अपने आप प्राकृतिक रूप से जन्म लेने वाला यह चित्रक मानव जाती के लिए अति उपयोगी माना जाता है । गुण तथा पर्योग सफेद चीता चित्रक द्वारा हम चरपरा, रुक्ष, उष्ण, त्रिदोष जैसे रोगों के उपचार में सहयोग प्राप्त कर सकते हैं । इसके साथ-साथ कोढ़, शोथ, बवासीर, संग्रहणी जैसे भयंकर रोगों के उपचार में यह चित्रक उपयोगी...

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“Peelu (पीलू)” beneficial for Hemorrhoids, fever, Urine disease

पीलू पीलू के वृक्ष बहुत टेढ़े-मेढ़े होते हैं । उन पर पीलुओं के बड़े-बड़े गुच्छे फलों के रूप में लगते हैं । इन वृक्ष पर दिसम्बर मास में फुल आते हैं और मार्च मास में फल पक जाते हैं । लाभ तथा गुण बवासीर बवासीर रोगियों के लिए पीलू का रस बहुत ही गुणकारी माना गया है क्योंकि यह रस मीठा होता है । लोग इसे बहुत खुश होकर पीते...

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“Stramonium (धतुरा)” beneficial in Apoplexy and Hemorrhoids

धतुरा धतूरे का पौधा अधिक बड़ा नहीं होता | यह दो रंगों में देखा जा सकता है । (1) काला (2) सफेद । इन पर काले और सफेद फुल आते हैं । इसका फल विष ही होता है । इसलिए इसका सेवन बिना किसी वैद्द-हकीम से पूछे बिना नहीं करना चाहिए । लाभ तथा गुण दुखी आंखों व कानों में धतूरे का रस एक-एक बूंद डाल देने से आंख रोग...

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“Rosewood (शीशम)” medicinal uses in Ayurveda

शीशम बड़ के वृक्ष को भांति ही शीशम का पेड़ भी काफी बड़ा होता है । परंतु इन दोनों के पत्तों में काफी अंतर होता है । शीशम के पत्ते बड़ के पत्तों की अपेक्षा बहुत छोटे आकार के होते हैं । बड़ व शीशम के वृक्ष प्राकृतिक रूप से ही जन्म लेते हैं । इसकी आयु भी बहुत लंबी होती है । लाभ तथा गुण सुजाक रोगियों के लिए...

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“Pomegranate (अनार)” multiple uses in Ayurveda

अनार एक अनार सौ बीमार कहावत संसार में प्रसिद्ध है | यह कहावत तो आपने बहुत बार सुनी होगी, लेकिन इसके पीछे क्या रहस्य है, यह आपको नहीं पता होगा | आओ, इसके विषय में पहले आपको बता दें | एक अनार इतना गुणकारी होता है कि उससे अनेक रोगों का उपचार हो सकता है | किसी वैद्द् या हकीम के पास एकदम से इतने अधिक रोगी आ गए कि...

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