“Hemp (गांजा)” beneficial uses in Ayurveda

गांजा गांजा का नाम जब भी कोई आम आदमी सुनता है तो क्रोध से उसके माथे पर बल पड़ जाते हैं क्योंकि इसका सबंद नशे की लत से जुड़ा हुआ है । नशा कोई भी ही वह कभी अच्छा हो ही नहीं सकता । भांग और गांजा में बहिन भाई का रिश्ता है कियोंकि दोनों एक ही वृक्ष से जन्म लेते हैं । नशे में दोनों बराबर हैं । लाभ...

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“Cranberry (करौंदा)” Advantages and Properties in Ayurveda

करौंदा करौंदा का पेड़ एक वृक्ष की भांति होता है । इसके दो रूप हैं…. एक तो जंगली जो जंगलों में पैदा होते हैं । दूसरी, देसी जो मैदानी क्षेत्रों के खेतों में पैदा होता है । देसी करौंदे काफी बड़े होते हैं | करौंदे की जड़ को पीसकर पिलाने से हर प्रकार के विष प्रभावहीन हो जाते हैं । लाभ तथा गुण करादा की चटनी अरुचि को दूर करती...

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“Moringa Oleifera (सहिजन)” uses for multi disease in Ayurveda

सहिजन यह पुरे भारत में जंगलों और मैदानी क्षेत्रों में मिलता है । बागों में भी यह प्राकृतिक रूप से जन्म लेता है । इसका वृक्ष 8 से 10 मीटर तक उंचा होता है । इसकी त्वचा चिकनी मोटी, भूरे रंग की होती है, परंतु इसकी लकड़ी कमजोर होती है । इस पर मधुरगंधी, स्वेत्वर्ण के होते हैं । इस की फलियां लंब्गी मानव अंगुली की भांति होती हैं ।...

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“Sudarshan (सुदर्शन)” medicinal uses in Ayurveda

सुदर्शन यह सारे भारत में तथा देवस्थानों पर लगा मिलता है । इसका पौधा 4 फुट (1 मीटर) के लगभग लंबा होता है । पत्ते भूमि से निकलते हुए दिखाई देते हैं, जो काफी लंबे होते हैं । इसके फुल बगनी रंग की आभा लिए सुंगधित होते हैं । इसकी कांड 3 से 5 इंच तक लंबी होती है । गुण रुक्षतीक्ष्ण रस मधुर तिक्स्त वीर्य, उष्ण विपाक मधुर लाभ...

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“Chirmiti (Ghumchi), चिरमिटी (घुमची)” Properties and Advantages in Ayurveda

चिरमिटी (घुमची) चिरमिटी का वृक्ष देखने में अदभुत होता है । यह अधिकतर घने जंगलों में पाया जाता है । इसके पत्ते छोटे हरे तथा सुंदर होते हैं । इसके पत्ते ही अधिक उपयोगी माने जाते हैं । गुण तथा लाभ जिगर की गर्मी दूर करे चिरमिटी के पत्तों को मिश्री और छोटी इलायची के साथ मिलाकर चबाने से गर्मी दूर हो जाती है । मुंह के छाले तथा राल...

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“Kaunch (कौंच)” is very useful for weakness in Ayurveda

कौंच यह एक बेल होती है, जो फसलों के बीच में ही अपने-आप पैदा होती है । इसके पत्ते लंबे, फुल सेम की भांति ही होते हैं । उन फूलों की जब फलियां बनती हैं, तो उन पर हलके कांटे से आ जाते हैं । इन फलियों में इसके बीज होते हैं । यह दो प्रकार की होती है – 1. बड़ी 2. छोटी । लाभ तथा गुण हर प्रकार...

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“Makoi (मकोय)” herb is very beneficial in Ayurveda

मकोय मकोय का वृक्ष छोटे कद का होता है । इस पर सफ़ेद रंग के फुल आते हैं । इसके फल के गुच्छे होते हैं । यह आम जंगलों, मैदानी क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से जन्म लेता है । इसकी तीन किस्में होती हैं – सफेद छिलके वाली मकोय, जिसके अंदर लाली लिए पीले रंग का फल होता है । यह खाने के काम आती है । कुछ लोग इसे...

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“Nutmeg (जायफल)” uses for Headache, Teeth disease in Ayurveda

जायफल जायफल के वृक्ष मध्यम आकार के होते हैं । यह अधिकतर पहाड़ी क्षेत्र के जंगलों में पाया जाता है । इसकी कोई फसल नहीं बोई जाती बल्कि प्रकृतिक रूप से ही इसका जन्म होता है । इसके पत्ते गुलर के समान तथा फुल महुवे की भांति और फल का नाम जमालघोटा है, जिसके अंदर अरंडी की भांति बीज निकलते हैं । यही बीज जुलाब देने का सबसे सरल और...

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“Duddhi (बड़ी दुद्धी)” is very powerful herbs for increasing body poower

बड़ी दुद्धी इसके वृक्ष जंगलों में तथा मैदानी क्षेत्रों में अधिक पाए जाते हैं । इसकी पहचान के लिए चित्र । यह एक शक्तिवर्धक जड़ी है । इसे पारे और रांगे के बड़ी दुद्दी की नुगदी की किसी मिट्टी के बर्तन में डालकर उपले में रखकर वैद्द लोग उसका भस्म तैयार करते हैं । यही भस्म दूध के साथ सेवन करने से शरीर की कमजोरी एक मास में दूर हो...

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“Tea (चाय)” Benefits and properties of tea in Ayurveda

चाय चाय का चलन तो भारत में पैदावार के हिसाब से बहुत अधिक है और चाय पीने वालों की संख्या भी सर्वाधिक है । चाय का व्यापार करने में भारत विश्व के बड़े देशों में प्रथम स्थान पर आता है । चाय क्या है ? चाय की खेती सर्वाधिक असम तथा बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में होती है । चाय के बाग़ बहुत बड़े-बड़े क्षेत्रों में फैले रहते हैं ।...

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“Amaranth (चौलाई)” beneficial for stomach ailments, fire burn

चौलाई चौलाई का साग बनाकर अधिक लोग खाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए । यह हरी-भरी सब्जी किसी के बोने से पैदा नहीं होती बल्कि अपने-आप ही प्राकृतिक रूप से पैदा होती है । परंतु फिर भी लोग अपने पेट के लिए इसका व्यापार करते हैं । गुण तथा लाभ पेट रोगों के लिए चौलाई के साग को बारीक काटकर 30-40 ग्राम रस निकाल लें फिर उसमें 5 ग्राम सुहागा...

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“Cauliflower (गोभी)” Advantages and Properties in Ayurveda

गोभी गोभी चार प्रकार की होती है । इनमें से फुल गोभी सबसे अधिक लोकप्रिय है । यही सबसे अधिक खाई जाती है । गोभी न कोई जड़ी है न बूटी बल्कि इसका प्रयोग एक साधारण सब्जी भाजी के रूप में होता है । जैसा आपको पहले भी बताया जा चूका है कि गोभी नाम तो एक है परंतु इसके चार अलग-अलग पौधे हैं जिमें से पहला नंबर फूलगोभी का,...

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