“High blood pressure: symptoms, causes, prevention (उच्च रक्तचाप : लक्षण, कारण, निवारण)”

उच्च रक्तचाप : लक्षण, कारण, निवारण सब जानते हैं कि सामान्य व्यक्ति की उच्चतम रक्तचाप 120 तथा न्यूनतम 80 हुआ करता है | बढ़ती आयु के साथ  यह भी बढ़ता है | सामान्य रक्तचाप रखना हमारी जरूरत है | लक्षण – 1. तनाव  होना 2. सिर चकराना  3. थकावट रहना 4. साँस लेने में कठिनाई 5. हृदय धड़कन तेज रहना 6. हृह्द क्षेत्र में पीड़ा महसूस करना 7. रोग के आरंभ में सिर के...

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“Possible to reduce obesity (मोटापा कम करना संभव)” Cause and Prevention

मोटापा कम करना संभव मोटापा हमें केवल कुरूप ही नहीं बनाता, अनेक रोगों का भी घर होता है । इसे कम करने के हरसंभव प्रयत्न करने जरूरी हो जाते हैं । मोटापा होने का मुख्य कारण हमारा गलत खान-पान है । जब हम शरीर की आवश्यकता से अधिक खा लेते हैं तब मोटापा तो होगा ही । आयु, कार्य, स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर जितनी खुराक खानी चाहिए, उतने में...

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“Regular and Needs to be Balanced (नियमित व संयमित रहना जरूरी)” in daily life

नियमित व संयमित रहना जरूरी यदि हमारा तन व मन दोनों स्वस्थ हों, तभी हम सभी सुख-सुविधाओं का आनंद ले सकते हैं । तन और मन में कोई विकार न हो – तन और मन स्वस्थ रखने के लिए अपने आहार की तो मुख्य भूमिका है ही, साथ ही रहन-सहन का भी बड़ा प्रभाव पड़ता है । अचार-विचार भी शुद्ध तथा उच्च चाहिए । पूरी तरह निरोग तथा स्क्स्थ रहने...

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“Elephant Foot Yam (सुरन)” Advantages and Properties in Ayurveda

सुरन सुरन का पौधा छोटे कद का होता है । इसके पत्ते बहुत बड़े होते हैं । यह प्राकृतिक रूप से पैदा होता है । लाभ तथा गुण सुरन गर्मी बढ़ता है । रूखा, स्वाद में कसैला है । शरीक के जिस भाग पर लग जाए वहीँ खुजली शुरू हो जाती है । खांसी को दूर करे कब्ज को नष्टकर पेट साफ करने वाला बवासीर रोगियों को भी लाभ पहुंचाए...

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“Red chilly (लाल मिर्च)” beneficial in Mad dog bites, hurt eyes, Scorpion bites and more uses in Ayurveda

लाल मिर्च भारत में तो लाल मिर्च की पैदावार भी खूब है और इसके खाने वालों की संख्या भी कुछ कम नहीं । हालांकि डॉक्टर, वैद्द, हकीम सब के सब इस बात को कहते है कि लाल मिर्च का अधिक सेवन स्वस्थय के लिए नुकसानदायक है परंतु फिर भी लोग खाते हैं और खूब खाते हैं । लाल मिर्च और हरी मिर्च के पौधे एक जैसे होते हैं । परंतु...

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“Sugarcane (गन्ना)” is beneficial for cough, Calculus, blood disorder

गन्ना गन्ने का नाम सुनते ही अनेक लोगों के मुंह में पानी भर आएगा । गन्ना खेतों में खेती के रूपमें हमें मिलता है । गन्ने से बनते हैं – गुड़, शक्कर, चीनी, गन्ने का रस गन्ना प्राकृतिक उपज नहीं । इसे खेतों में बोया जाता है । लाभ तथा गुण वैसे तो गन्ने तथा इससे बनने वाली वस्तुएं मानव जीवन का एक विशेष अंग बनकर रह गयी हैं |...

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“Sesame (तिल)” beneficial in Constipation Disease, Piles and more in Ayurveda

तिल तिल के पौधों की भी खेती होती है । किसान लोग इसे फसल के रूप में पैदा करते हैं । इसके पौधे सरसों के पौधों जितने होते हैं । उन पर फल के रूप में जो फलियां लगती हैं उनके अंदर पतले-पतले छोटे आकार के सफेद तथा काले तिल निकलते हैं । गुण तथा लाभ मानव जीवन को स्वास्थ रखने के लिए तिल को काफी उपयोगी माना जाता है...

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“Maize (मक्का)” beneficial uses in Ayurveda

मक्का गेहूं, बाजरा, ज्वार, जो हमारे भोजन के विशेष साधन माने जाते हैं । मक्का हमारे देश में फसल के रूप में मौसम के अनुसार बोया जाता है । इस पर तीन-चार मास के पशचात फल लगता है, जिसे आम लोग भुट्टा कहते हैं । मक्का की रोटी भी बनती है । इसके भुट्टे भुनकर लोग खूब खाते हैं । मक्का के सेवन से मानव शरीर को एक नई शक्ति...

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“Peanut (मूंगफली)” Properties and Advantages in Ayurveda

मूंगफली भारत के रेतीले तथा गर्म क्षेत्रों में मूंगफली काफी पैदा होती है । गरीब जनता तो इसे गरीबों के बादाम के नाम से पुकारती है । सर्दियों के दिनों में तो अक्सर लोग इसे खाते नजर आते हैं । मूंगफली की फलियां जमीन के अंदर रहती हैं । ऊपर तो केवल इसके पत्ते रहते हैं । मुंगफली का तेल निकालकर खाने के काम में लिया जाता है । मूंगफली...

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“Husked Green Gram (मूंग)” Advantages and Properties in Ayurveda

मूंग मूंग के पौधे, चने के पौधे की भांति उतने ही कद के होते हैं । इसमें लंबी फलियां लगती हैं जिन में से दाने निकलते हैं । यह एक लोकप्रिय डाल है जो भारत में करीब-करीब सब घरों में किसी न किसी रूप में बनती हैं । यदि किसी घर में नहीं भी बनती तो घरवाले इसका नाम तो जानते ही हैं । लाभ तथा गुण पेट रोगों तथा...

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“Wheat (गेहूं)” multiple uses and advantages in Ayurveda

गेहूं ‘अन्न ही जीवन है’, उकित हमारे लिए सटीक बैठती हैं मानव जीवन को चलाए रखने के लिए अन्न सब से बड़ा एकमात्र साधन है । उस अन्न का सवर्प्रथम और प्रथम अंग है गेहूं । गेहूं का पौधा आधे मीटर से एक मीटर तक बड़ा होता है । जब गेहूं पककर तैयार होता है तो उसके सिरे पर लगी बल्लियां पक आती हैं । उन बालियों के अंदर गेहूं...

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“Agsatya (अगसत्य)” beneficial uses for Vata, Pitta, Cough in Ayurveda

अगसत्य अगसत्य के वृक्ष अधिकतर बागों में ही प्रकृति रूप से पाए जाते हैं । इन वृक्ष पर अधिकतर पान की वेल चढ़ी रहती है । इसी कारण इसके पत्तों को उत्तम माना जाता है । इस पर लाल और सफेद फुल लगते हैं । फल बहुत कोमल किस्म के होते हैं । लाभ तथा गुण अगसत्य की तासीर ठंडी, स्वाद कड़वा होता है । इससे वात, पित्ता, खांसी रक्त-पित्त...

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