Home » Archive by category "Herbal Medicine Plants" (Page 11)

“Tea (चाय)” Benefits and properties of tea in Ayurveda

चाय चाय का चलन तो भारत में पैदावार के हिसाब से बहुत अधिक है और चाय पीने वालों की संख्या भी सर्वाधिक है । चाय का व्यापार करने में भारत विश्व के बड़े देशों में प्रथम स्थान पर आता है । चाय क्या है ? चाय की खेती सर्वाधिक असम तथा बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में होती है । चाय के बाग़ बहुत बड़े-बड़े क्षेत्रों में फैले रहते हैं ।...

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“Amaranth (चौलाई)” beneficial for stomach ailments, fire burn

चौलाई चौलाई का साग बनाकर अधिक लोग खाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए । यह हरी-भरी सब्जी किसी के बोने से पैदा नहीं होती बल्कि अपने-आप ही प्राकृतिक रूप से पैदा होती है । परंतु फिर भी लोग अपने पेट के लिए इसका व्यापार करते हैं । गुण तथा लाभ पेट रोगों के लिए चौलाई के साग को बारीक काटकर 30-40 ग्राम रस निकाल लें फिर उसमें 5 ग्राम सुहागा...

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“Cauliflower (गोभी)” Advantages and Properties in Ayurveda

गोभी गोभी चार प्रकार की होती है । इनमें से फुल गोभी सबसे अधिक लोकप्रिय है । यही सबसे अधिक खाई जाती है । गोभी न कोई जड़ी है न बूटी बल्कि इसका प्रयोग एक साधारण सब्जी भाजी के रूप में होता है । जैसा आपको पहले भी बताया जा चूका है कि गोभी नाम तो एक है परंतु इसके चार अलग-अलग पौधे हैं जिमें से पहला नंबर फूलगोभी का,...

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“Ginger (अदरक)” beneficial for Asthma cough in Ayurveda

अदरक अदरक यदि कच्चा हो तो अदरक और यदि यही अदरक सुख जाए तो सोंठ बन जाता है । यह कोई जड़ी-बूटी नहीं बल्कि धरती के अंदर पैदा होने वाली एक स्वास्थ्य के लिए अति उपयोगी औषधि का काम करता है । आलू की भांति यह भी धरती के अंदर की ही फसल है । इस चित्र के दो भाग आप को साफ दिखाई दे रहे हैं । इनमें पहला...

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“Khatti Bhaji (खाटी भाजी)” beneficial for skin disease in Ayurveda

खाटी भाजी यह एक साक के रूप में सेवन करने वाली जड़ी है । इसे जंगलों, खुले मैदानों, फसलों के वीच में से प्राप्त किया जा सकता है । इसके पत्ते बड़े-बड़े होते हैं । इन पत्तों के ऊपर बारीक से सफेद बाल नजर आएंगे । यही वः कैल्शियम है जिसके अंदर शक्तिशाली विटामिन होते हैं । खाटी भाजी का रस 50 ग्राम, मुली के पत्तों का रस 50 ग्राम...

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“Asafoetida (हींग)” Properties and Advantages in Ayurveda

हींग हींग अति गुणकारी है । इसका प्रयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है तथा दैनिक खान-पान में भी यह प्रयोग में लायी जाती है । हींग की पैदावार भारत में नहीं होती । यह अधिकतर अफगान, तजाकिस्तान उजबेकिस्तान तथा इनके साथ जुड़े कुछ क्षेरों में ही होती है । प्राचीन काल से ही भारतवासी अपने गर्म-मसालों के लिए वहीँ से हींग तथा अन्य वस्तुओं को मंगवाते रहे...

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“Cullen Corylifolium (बाकुची)” Profit and properties in Ayurveda

बाकुची यह पौधा प्राकृतिक रूप से जन्म लेने वाला यह अपने-आप में बहुत गुणकारी है इसके पत्ते मध्यम आकार के, नुकीले होते हैं । इसके फल गुच्छे के रूप में लगते हैं । उन गुच्छों में से काले रंग के दाने निकलते हैं जिनमें से दुर्गन्ध आती है । इसके फल गुच्छों के रूप में लगते हैं । उन गुच्छों में से काले रंग के दाने निकलते हैं जिनमें से...

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“Grass (दूब)” beneficial for Blood piles in Ayurveda

दूब दूब एक बेल है जो नदी-नालों आदि पानी वाले कितने ही तालाबों के किनारे-किनारे जन्म लेती है । यह भी एक प्राकृतिक जड़ी है । खुनी बवासीर के लिए दूब की बेल (घास) को लेकर मिट्टी के एक बर्तन में थोड़े से पानी के साथ डालकर हलकी आंच पर गर्म करें । जब यह उबलने लगे तो उसे किसी खुले बर्तन में डालकर उसकी भाप का बफारा लें ।...

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“Sensitive plant (Lajwanti), लाजवन्ती” beneficial in Ayurveda

लाजवन्ती लाजवन्ती का दूसरा नाम छुईमुई भी हो सकता है । इसका कारण है कि यह पौधा हाथ लगाने से मुरझा जाता है । जरा-सी चोट भी यह सहन नहीं करता । जिन लोगों की नाभि उतर जाती है उसके लिए लाजवन्ती के पत्तों का गुच्छा बनाकर उसकी कमर से बांध देने से नाभि ठिकाने पर आ जाती है । Sensitive plant (Lajwanti) Another name for sensitive plant can also...

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“Indian Barberry (दारू हल्दी)” properties and advantages in Ayurveda

दारू हल्दी यह जड़ी हमारे जीवन के भोजन से जुड़ी है, जो फसल के रूप में हमारे सामने आती है | इसकी खेती करके लोग बजारों में बेचते हैं । लाभ तथा गुण छोट और सुजन का उपचार दारू हल्दी, सज्जी, तिल, कारीजीरी, इन सबको कूट-पीसकर गर्म करके चोट तथा सुजन वाले स्थान पर लगा दें कुछ दिनों में ही सब-कुछ ठीक हो जाएगा । Indian Barberry This herb is...

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“Touch me not (Red), छुईमुई लाल फुल की” beneficial uses in Ayurveda

छुईमुई लाल फुल की यह भी एक जंगली बूटी है, जो प्राकृतिक रूप से पैदा होती है । इस पर लाल फुल आते हैं । इस बूटी से सब से कीमती औषधि सिंगरफ भसम मिलती है, जो अनेक औषधियों को बनाने में सहायक है । भस्म कैसे तैयार हो ? बकरी की साद किलो मींगनी की आंच देकर छुईमुई की लुगदी को मिट्टी के बर्तन में बंदकर, उसके मुंह पर...

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“Dry Ginger (सांतव सोंठ)” multiple uses in Ayurveda

सांतव सोंठ सोंठ वादी को मारने वाली एक जड़ी है । इसका सेवन करने के लिए – सोंठ 10 ग्राम गुड़ 40 ग्राम इन दोनों को मिलाकर खाने से हर प्रकार कर दर्द शरीर में से बहार निकल जाता है । 10 ग्राम सोंठ को पीसकर नमक में मिलाकर घी में तल लें । अब इसे थोड़ा-थोड़ा सुबह-शाम खाना शुरू करें तो आपका शरीर चुस्त रहेगा । सफेद मुसी इससे...

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