Home » Archive by category "Ayurveda" (Page 3)

Health benefits of “Bananas (केला)” in Ayurveda

  केला यह आजकल तो हर मौसम में मिलता है | केला एक ऐसा फल है जो शीघ्र हजम होता है | इसकी तासीर ठंडी होती है | केले से अनेक रोगों का उपचार होता है जिनमें से कुछ रोग इस प्रकार हैं : नारी रोग – सफेद पानी इस रोग में दो केले खाकर ऊपर से शहद मिला आधा गिलास दूध पीने से यह रोग चालीस दिन में ठीक...

Read More »

Health benefits of Summer fruit “Plum (आलूबुखारा)” in Ayurveda

आलूबुखारा यह एक मौसमी फल है जो गर्मी के मौसम में ही आता है | इसकी तासीर ठंडी होती है | जिन लोगों के शरीर में अधिक गर्मी होती है, उनके लिए आलूबुखारे का सेवन अच्छा रहता है, जो लोग किसी रोग के कारण दुर्बल हो गए हो उन्हें प्रतिदिन ½ किलो आलूबुखारे या उसके रस का सेवन करना चाहिए |   Plum This is a seasonal fruit which comes...

Read More »

“Grapes (अंगूर)” beneficial for Heart patients and debilitating disease in Ayurveda

अंगूर अंगूर का फल अधिक शक्तिशाली है | इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह गले से उतरते ही खून में घुल जाता है | अंगूर हर प्रकार के रोगियों के लिए बहुत लाभकारी है विशेष रूप से ऐसे रोगी जो बीमारी के कारण दुर्बल हो गए तो इसका रस पीने से शरीर में नई शक्ति आती है | ह्रदय रोगियों के लिए अंगूर का सेवन अच्छा रहेगा |...

Read More »

Beneficial uses of “Spota (Cheeku)” for fever patients

चीकू यह फल है | इसके वृक्ष काफी बड़े होते हैं जिन पर खाकी (भूरे) रंग के चीकू लगते हैं, जो पकने के पश्चात् शहद जैसे मीठे हो जाते हैं | बुखार बुखार के रोगियों के लिए चीकू खाना बहुत लाभदायक माना गया है, जो लोग मोटे और शुगर का शिकार हैं, उन्हें चीकू का सेवन नहीं करना चाहिए | Naseberry It is the fruit . The trees are much...

Read More »

Medicinal uses of “Chameli” in Ayurveda

चमेली संस्कृत नाम – ज्ञाती चमेली अपने फूलों के कारण काफी लोकप्रिय है,  इसका पौधा छोटा सा ही होता है | पते हरे, फुल सफ़ेद होते हैं | इसके फूलों को जो कोई सिरदर्द का रोगी सूंघ लें तो सिरदर्द दूर हो जाता है | चमेली के फूलों का गंध ह्रदय रोगियों के लिए बहुत लाभकारी है | जिन लोगों के मुहं में छाले रहते हों उन्हें चमेली के पते...

Read More »

Medicinal uses of herbal plant “Ativisha” in Ayurveda

अतिविषा यह चिरआयु वाला पौधा होता है | इसकी लंबाई करीब 30 से.मी. लेकर 100 से. मी. तक होती है | इस पर नीले रंग के फुल आते हैं | इस पर पांचधारी वाला काला फल लगता है जिसके अंदर 20 से 25 तक बीज होते हैं | यह पौधा हिमालय पहाड़ की 2100 से.मी. से लेकर 3800 से.मी. तक की ऊंचाई पर पाया जाता है, जिसे आप जुलाई, अगस्त,...

Read More »

Medicinal uses of herbal plant “Ashoka” in Ayurveda

अशोक  संस्कृत नाम – हेमपुष्प, ताम्र, पल्लव अशोक के वृक्ष, मध्य एवं पूर्वी हिमालय, बंगाल तथा दक्षिण भारत में आशिक पाए जाते हैं | प्राकृतिक रूप से पैदा होने वाला अशोक वाटिकाओं में, जंगलों में दिखाई देगा | इसका वृक्ष बिलकुल सीता खड़ा होता है | पतली टहनियों पर लंबे-लंबे हरे पते मन को भाते हैं, जो बहुत कोमल होते हैं | इन पर फल और फूल वसंत ऋतू में...

Read More »

Medicinal uses of “Gulab Flower (Rose)” in Ayurveda

गुलाब संस्कृत नाम – तरुणी, श्यमत्री, दुब्जक गुलाब का पौधा भी छोटा ही होता है | फूलों का राजा कहा जाने वाला गुलाब का फुल सबके ही मन को भाता है | इसकी गंध मन को प्रसन्न कर देती है, दिमाग को ताजा बनाकर उसकी थकान दूर कर देती है | गुलाब के फूलों से बनने वाली गुलकंद को रात को सोते समय, 250 ग्राम दूध के साथ सेवन करने...

Read More »

Medicinal uses of “Mongra” or “Radish” plant in Ayurveda

मोंगरा संस्कृत नाम – वार्थिक, मल्लिका  मोंगरे का पौधा छोटे कद का होता है | इस पर लंबे-लंबे हरे रंग के फल लगते हैं | जिन्हें मुंगरे की फलियां भी बोला जाता है | उनकी सब्जी बनाकर लोग खाते हैं | फोड़े-फुंसियों तथा चर्म रोगों के लिए  मोंगरे के पतों को पीसकर उनकी लुगदी तैयार कर लें | उस लुगदी को देसी घी में छोंककर गर्म करके फोड़े-फुंसियों तथा चर्म...

Read More »

Medicinal uses of “Sevanti herbal plant” in Ayurveda

सेवती संस्कृत नाम – तरुगी, शत्रपत्री कुब्ज        हिंदी – सदागुलाब, सेवती, गुलोचगुणता सेवती की वृक्ष छोटे कद का तथा सुंदर होता है |  इसके फल अथवा फुल को सूंघने से मस्तिष्क को पूर्ण शांति मिलती है | हृदय की जलन को दूर करने के लिए भी इसका सेवन अधिक अच्छा माना गया है; शरीर और माथे की गर्मी दूर करने के लिए  सेवती के फल    ...

Read More »

Medicinal benefits of “Amla” in Ayurveda

आमला : अमली, आमल्की जैसे इसके अनेक नाम हैं | लाभ  आमले का वृक्ष काफी बड़ा होता है | देखें नीचे आमले के वृक्ष के चित्र को | गुणकारी आमला कच्चा भी खाया जाता है | इसका मुरब्बा तथा अचार दोनों ही स्वाद के रूप में खाए जाते हैं | आमले की तासीर ठंडी होती है | मुरब्बा खाने से दिल के रोगों को आराम मिलता है तथा बुद्धि तीव्र...

Read More »

Medicinal uses of “Baheda” in Ayurveda

इसके अनेक नाम हैं जैसे विभीतक, कर्षफल | ये सबके सब संस्कृत नाम हैं | इसका वृक्ष बहुत बड़ा होता है | इसका फल बहुत छोटा होता है,  इसकी तासीर ठंडी होती है | अधिक मात्र में सेवन करने से गर्म फल का रूप धारण करता है | सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार के रोगों में इसका सेवन लाभदायक है | जैसे कि पाठकों को पहले भी बता चूका हूं कि...

Read More »