Home » Archive by category "Ayurveda"

Herbs in Historic times, Vedas, Charak, Sushrut

Pre historic times : since the beginning of time , man has been using herbs. The herbs were used as food and also to fight illnesses. Somehow, these had been believed to have some curative powers. These powers were though attribute to supernatural causes. Period of Vedas : since the beginning, man and nature have been in conjunction. Living with nature, a number of herbs and plants had been used...

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What is Herb in today’s world

Herbs are the ‘medicinal plants’ used to treating and curing ailments as well as enhancing the health, vigour and   vitality of an individual. Other than this, herbs have also been associated with providing seasoning, flavoring and essence to the food items. Today, herbs find immense usage in the field of medicine, food industry and also in manufacturing of beauty products. The simple herbs that can be grown in your own...

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Importance of Herbs in Ayurveda

Herbs in Ayurveda As per Ayurveda , herbs are used both in the form of food as well as medicine. The basic aim of Ayurvedic therapy is firstly to restore the healthy individual, and secondly to do away the affliction of the diseased one. Therefore, in order to achieve either of these objectives, A herb comes into use. Ayurvedic treatment rests on four pillars viz. doctor, patient, helper and drug....

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कैसे अंजीर से कब्ज , मुंह के छाले, दमा तथा दांतों में दर्द से रहत देता है |

अंजीर के लाभ (FIG Benefits) अंजीर एक ऐसा फल है जो जितना मीठा है। उतना ही लाभदायक भी है।अंजीर के सूखे फल बहुत गुणकारी होते हैं। अंजीर खाने से कब्ज दूर हो जाती है। गैस और एसीडिटी से भी राहत मिलती है। साधारण कब्ज में गरम दूध में सूखे अंजीर उबाल कर सेवन से सुबह दस्त साफ होता है। इससे कफ बाहर आ जाता है। सूखे अंजीर को उबाल कर...

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बालों के लिये 26 प्रभावशाली उपाय।

1) घी खाएं और बालों के जड़ों में घी मालिश करें। 2) गेहूं के जवारे का रस पीने से भी बाल कुछ समय बाद काले हो जाते हैं। 3) तुरई या तरोई के टुकड़े कर उसे धूप मे सूखा कर कूट लें। फिर कूटे हुए मिश्रण में इतना नारियल तेल डालें कि वह डूब जाएं। इस तरह चार दिन तक उसे तेल में डूबोकर रखें फिर उबालें और छान कर...

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अजवायन के फायदे, कानों के दर्द से लेकर आंखों की सफाई में है कारगर

भारतीय रसोई की एक खास चीज है अजवायन। खाने का स्वाद बढ़ाने से लेकर कई प्रकार की बीमारियों में इलाज के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। एसिडिटी, कब्ज, गैस आदि कई प्रकार की समस्याओं को दूर करने में अजवायन फायदेमंद है। अजवायन के प्रति 100 ग्राम में प्रोटीन 17.1 प्रतिशत, फैट 21.8 प्रतिशत, मिनरल्स 7.9 प्रतिशत, फाइबर 21.2 प्रतिशत और कार्बोहाइड्रेट 24.6 प्रतिशत मौजूद होता है। इसके अलावा...

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“चुम्बक चिकित्सा” प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए अपनाये यह चिकित्सा

चुम्बक चिकित्सा जैसा की सभी लोग इस बात को जानते हैं कि पृथ्वी भी स्वयं एक लौह चुम्बक है, और उसका अपना एक निश्चित चुम्बकीय क्षेत्र है, और ठीक इसी प्रकार से सूर्य, चन्द्रमा एवं अन्य आकाशीय पिंडों के भी अपने-अपने निश्चित चुम्बकीय क्षेत्र होते हैं। इस प्रकार से इस विद्युत चुम्बकीय क्षेत्रों के बीच जन्म लेने वाला मानव शरीर भी चुम्बकीय बलों के द्वारा संचालित होने वाला और उन...

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बस 1 मिनट हाथ की ऊँगलियों को रगड़ने से शरीर का दर्द गायब हो जाता है।

संवेदनशीलता की प्राचीन जापानी कला के अनुसार, प्रत्येक ऊँगली विशेष बीमारी और भावनाओं के साथ जुड़ी होती हैं। हमारे हाथ की पाँचों ऊँगलियाँ शरीर के अलग अलग अंगों से जुड़ी होती हैं। इसका मतलब आप को दर्द नाशक दवाइयाँ खाने की बजाए इस आसान और प्रभावशाली तरीके का इस्तेमाल करना करना चाहिए । आज इस लेख के माध्यम से हम आपको जानेंगे, के शरीर के किसी हिस्से का दर्द सिर्फ...

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कुछ आयुर्वेदिक उपचार आपकी अच्छी सेहत के लिए।

आयुर्वेदिक इलाज मानव शरीर के भिभिन्न अवयवों में टांसिल्स का भी महत्वपूर्ण स्थान है | ये गले में श्वासनली और अन्ननली के साथ स्थित होते हैं | यह ग्रंन्थि मुँह में से होकर श्वासनली में प्रविष्ट होने वाले संक्रम्कों को रोकने का महत्वपूर्ण कार्य करती है | यधपि मानव शरीर में तीन प्रकार के टांसिल्स होते हैं | जजों तालू व् जीभ के अन्त में स्थित होते हैं लेकिन समान्यत:...

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अगर आप पुराने दमा से पीड़ित हैं तो एक जिंदा मछली निगलिए और बीमारी से निजात पाइए |

दमे का इलाज : जिंदा मछली निगलना अगर आप पुराने दमा से पीड़ित हैं तो एक जिंदा मछली निगलिए और बीमारी से निजात पाइए | दुबार फिर कभी एह बीमारी आप पर अपना असर नहीं डालेगी | हालाँकि एलोपैथक डाक्टरों, मेडिकल शोधर्थिओं और आयुर्वेद विशेषज्ञों  का अभी इस पर विशवास नहीं है | इस चीक पर जहां विवाद है वहीँ इसके समर्थक भी हैं | लगभग डेढ़ सौ साल से...

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“So That The Children Do Not Get Cold (ताकि नौनिहालों को ठंड न लगे)”

ताकि नौनिहालों को ठंड न लगे  आप माता-पिता हैं या अभिभावक, कुछ ऐसे उपाय जरुर करें ताकि नन्हों-मुन्नों को ठंड न लगे तथा वे सर्दी के कारण होने वाले रोगों से बचे रह सकें | कियोंकि बच्चे नाजुक होते हैं, इसलिए आपका सचेत रहना अत्यंत आवश्यक है | आपकी सावधानी हटने  का मतलब है बच्चों के प्रति लापरवाही, परिणाम होगा उनका बीमार हो जाना | कुछ सावधानियों कुछ उपचार एक...

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“Do not let the Murderous Jaundice (पीलिया को जानलेवा मत होने दें )” Cause and Prevention

पीलिया को जानलेवा मत होने दें  समय रहते उचित उपचार कर हम पीलिया रोग पर नियंत्रण पा सकते हैं | इस रोग को कभी छोटा मत समझें | कारण – अधिक चाट, पकौड़ी, बड़ा, पकौड़े, समोसे आदि खाना चटपटे गर्म, खट्टे पदार्थो में अधिक रूचि लेना | जो भी कोई पदार्थ पित्त बढ़ाता हो, उसका अधिक सेवन करना अमाशय का खून या अन्य कारणों से दुर्बल पड़ जाना |  लक्षण...

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