Herbal Medicine Plants

“Krishna Sariva (कृष्णा सारिबा)” beneficial for Skin diseases in Ayurveda

Category: Herbal Medicine Plants Written by Jaswinder Singh / December 21, 2016

कृष्णा सारिबा

krishnasariva1नाम एक परंतु काम अलग-अलग एक ही जड़ी हमें दो रूपों में मिलती है, जिसके नाम में थोड़ा-सा परिवर्तन होने से गुणों में भी अंतर आ गया है ।
कृष्णा सारिवा का अधिकतर नदियों के किनारे प्राकृतिक रूप से पैदा होती है । इसकी कोई खेती करने वाला नहीं परंतु फिर भी आपको यह खुलेआम हर स्थान पर मिल जाएगी ।

लाभ तथा गुण

इसका लाभ अधिकतर ज्वर, कुष्ठ, खारिश आदि त्वचा विकारों में होता है ।
सोजाक, जीर्ण, आमवात, प्रदर रोगियों के लिए भी यह लाभकारी है ।
खांसी के रोग, पेट रोग, दिल का दर्द खून का दबाव अधिक होने वाले रोगियों के लिए भी इसका प्रयोग होता है ।

पेशाब रोगियों- जैसे पेशाब पीला आना, रुक-रुक कर आना, दर्द के साथ आना आदि के लिए इसके फांट की गिलोय एवं चूर्ण के साथ देने से लाभ होता है ।

चर्म रोगों में

गिलोय चूर्ण या गिलोय सत्व के साथ इसका सेवन किया जाता है ।

आंखों में फुले पड़ने पर पत्तों को जो पौधे मेंसे तोड़ने पर जो दूध निकलता है । उसे आंख में डालने से फुले ठीक हो जाते है ।

विषम बुखार सारिवा की जड़ त्वक् के साथ 2-3 ग्राम चुने-कत्थे के पान में डालकर खाने से बुखार से मुक्ति मिलती है ।

दोनों सारिवा यष्टिमधु, निशोध इलायची अजवायन, सफेद मुस्ली, विदारीकंद, मुनक्का, कुटकी, आमला, हरड, बहेड़ा, आंवला एवं जीवंती की समान भाग लेकर इन सब को पानी में डालकर हलकी आंच पर पकाएं ।

जब चैथाई भाग पानी रह जाए तो उसे नीचे उतार कर छलनी में छानकर उसे चार-चार चम्मच तीन-तीन घंटे के पछ्चात खून खराब वाले रोगी को पिलाने से हर प्रकार  के खून रोग ठीक हो जाते हैं ।

हमारे देश के वैद्द-हकीम इस सारिवा से हर प्रकार के चर्म रोगों का सफलतापूर्वक उपचार करते हैं ।

Krishna Sariva

krishnasarivaBut we have a distinct name, the same herbs found in two forms, namely the difference in the properties of the little change has come.
Most of the rivers Krishna Sariva naturally arises. Its not going to do any farming, but still, you will find it in every place openly.

Advantages and Properties

Most benefit fever, leprosy, skin disorders and is itching.
Sojak, chronic rheumatism, leucorrhoea it is beneficial for patients.
Cough disease, stomach disease, high blood pressure patients with heart pain is to use it for.

Rogion- like pee pee yellow come, come intermittent, etc. come with pain tinospora of the font and is beneficial to the powder.

Skin diseases

Tinospora powder is consumed with or Tinospora entity.
 
Phule eyes on breaking out of the plant leaves when the milk is removed. Phule is cured by putting him in the eye.

With anomalous fever Sariwa Twc 2-3 grams of root-Ktthe selected by eating it in the pan gets freedom from fever.

Both Sariwa liquorice, cardamom Nishod parsley, white muesli, Vidarikand, raisins, gnat, Amla, myrrh, bahera, Amla and equal participation of all in Jeevanti macerate cook on low light.

When the fourth portion of water is left in the strainer to filter it down to give him after three hours to four teaspoons of blood disease patient after drink it every blood  disease are cured.

Herbal-Doctor of our country from the Sariva successfully treat all types of skin diseases.

Thank for sharing!

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