Home » Herbal Medicine Plants » Herbal uses of Rye (राई) for injuries and abdominal pain in Ayurveda

राई

raiराई का पौधा खेतों में फसल के रूप में पैदा किया जाता है | जैसे-जैसे इसके पौधे बढ़ते हैं किसानों की आशा बढ़ती है | गेहूं की भांति पैदा होने वाली इस फसल में मानव कल्याण के अनेक गुण पाए जाते हैं जिनमें से कुछ एक इस प्रकार से जाने जाते हैं :

चोट लगने पर

राई को पत्थर पर पीसकर लेप तैयार कर के चोट वाले स्थान पर लगाने से घाव भरने लगते हैं तथा सुजन कम होने लगती है |
राई को हर पारकर के अचार में डालते हैं | इससे मानव के हर प्रकार के पेट रोग ठीक हो जाते हैं | वायु रोग से जो अंग विकार हो जाते हैं, उनपर राई को पीसकर गर्म करके लगाने से शीघ्र आराम मिलता है |

पेट दर्द के लिए

राई का चूर्ण 3 ग्राम गर्म पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करने से पेट के रोग ठीक हो जाते हैं | राई का चूर्ण दही के साथ खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं ।

राई, गुड़ तथा गूगल पानी में पीसकर किसी बंद मुंह के फोड़े-फुंसी पर लेप करेंगे तो वह फुट पड़ेगा, उस के अंदर की गंदगी निकल जाएगी |

Black mustard seeds

rayBlack Mustard Seeds crop is grown in fields | As the plants grow, farmers are expected to grow | The wheat crop that is grown like a human being in one of the many properties are found, some of which are known as such:

Injuries

Prepared mustard paste by grinding stone and apply on the affected area can be healing and inflammation weakens |
Let everyone in pickled mustard Parker | Every type of human gut diseases are cured | Air disease who become organ disorder, putting them quick relief by heating ground rye |

For abdominal pain

3 grams of mustard powder with hot water by taking it twice a day to cure diseases of the stomach | Mustard powder with curd stomach worms die.

Rye, molasses and Google in the water off the mouth of a mixture boils and pimples feet so he would have been plastered on the inside of the dirt will be removed |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Name
Email
Website