Ayurveda

Exclusive benefits of “Blackberry (Jamun)” fruit for diabetes

Category: Ayurveda Herbal Medicine Plants Written by Jaswinder Singh / December 21, 2016

जामुन

जामुन का वृक्ष बहुत लंबा चौड़ा तथा घना होता है | इसकी छाया भी धनी होती है, परंतु इस पर लगने वाले फल छोटे और पकने पर काले गहरे नीले रंग के होते हैं |

jamunप्रकृति ने मानव जाति के सुखों तथा निरोगी जीवन को बनाए रखने के लिए जो उपहार दिए हैं; उनमें से जामुन को एक विशेष स्थान प्राप्त है | इसका फल गर्मी के मौसम में होता है | जामुन की खेती नहीं होती क्योंकि इसके बड़े वृक्ष प्रकृति रूप में ही बढ़ते हैं |

जामुन का रस बहुत रोगों का उपचार करता है | इसका फल तो अति गुणकारी है ही परंतु उसके अंदर से निकलने वाली गुठली (बीज) भी अनेक रोगों का नाश करती है, जामुन द्वारा हम निम्नलिखित रोगों का उपचार कर सकते हैं :

मधुमय (सुगर) रोग

     इस रोग के कारण भोली-भाली जनता खूब डॉक्टरों के हाथों लुटी जा रही है, जो बेचारे अधिक धन के स्वामी नहीं, उन्हें प्रकृति की ओर से उपहार दिया गया है उसका ज्ञान एलोपैथी उपचार ने उन तक पहुंचने का रास्ता बंद कर दिया है | हम लोग इस बात की भूल आते हैं कि जो प्रकृति रोगों को जन्म देती है वही इनका उपचार भी करती है | विशेष रूप से भारत जैसे देश में तो हजारों जड़ी-बूटियां फुल-फुल ऐसे हैं जिन से मानव जाति के हर रोग का उपचार हो सकता है, उनमें से ही एक जामुन है | मधुमय के रोगियों को जामुन की गुठलियों का चूर्ण बनाकर दिन में चार बार खाना चाहिए |

जामुन के बारे में हमारे मुनियों ने कहा है

जम्बू वृक्षस्तु तुवरी ग्राही मधुर पाचक: |

मल्स्तम्मकरी रुक्षी रूचिकृत्पितदाह्हा |

यह श्लोक काफी लंबा है | इसका सार अर्थ इस प्रकार है – जामुन के वृक्ष की छाल कसैली, मलरोधक, पाक में मधुर रुचिकर, पित्तदाह्नासक, खट्टी, कंठ रोगनाशक, क्रिमि स्वास रोधक, अतिसार, खांसी, रक्त-विकार, कफ और व्रणनाशक होती है |

विशेष लाभ

  • जामुन के वीजों को पानी में घिसकर लगाने से गर्मी से पैदा होने वाले फोड़े-फुंसियां ठीक हो जाते हैं |
  • जामुन के पत्तों का रस निकलकर दूध, शहद के साथ उनसे अधिक मात्रा में देसी घी मिलाकर सेवन करने से रक्तातिसार रोग से मुक्ति मिलती है |
  • जामुन का सिरका हर प्रकार के पेट रोगों को ठीक करता है |
  • लू लगने तथा अन्य प्रकार की हर गर्मी को नष्ट करने के लिए जामुन खाएं अथवा उसका रस निकालकर दो समय पीएं, यदि किसी कारणवश जामुन न मिले तो जामुन का शरबत पी सकते हैं |
  • जामुन की गुठलियों का चूर्ण, बनाकर काला नमक मिलाएं | इसे दिन में चार बार एक-एक चम्मच, पेचिश रोगी को खिलाने से पेचिश रोग ठीक हो जाता है |

 

Blackberry

The tree is very tall, wide and dense berries. It is also rich in shadow, but the tax on small and ripe black fruit are dark blue.

jamun1The pleasures of nature and mankind, the gifts given to maintaining healthy life; Among them a special place is the berries. The fruit is in the summer season. The berries are not cultivated because of its nature, the same as the big trees grow. 

Berries juice cures diseases. The fruit is very healthy, but it radiated from inside the kernels (seeds) is also destroys many diseases, the berries can cure diseases by the following:

Diabetes (Sugar) disease

The cause of the disease among innocent people are being robbed of the hands of doctors, not the owner of the poor more money, they have been given a gift from nature, his knowledge of the way to reach them, allopathic treatment is stopped. We are forgetting the fact that the nature of their treatment is the same disease breeds. Especially in a country like India, thousands of herbs, full-full of humanity who live every disease can be treated, only one of them is the berries.  Diabetes patients kernels powder of berries to eat four times a day. 

Exclusive Benefits

  • Grind the seeds of berries in water by applying heat, boils and pimples cures arising from.
  • Berries juice out of the leaves of milk, honey, ghee and mix them with high doses to the patient, there is a cure diarrhea.
    Berries of all kinds of stomach ailments fixes vinegar.
  • Heat stroke and other heat to destroy all of the berries to eat or drink the juice two times, if for any reason you do not have berries can drink fruit juices.
  • Kernels berries powder, black salt by. It four times a day, one teaspoon, dysentery dysentery disease by feeding the patient is cured. 
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