Home » Archive by category "Herbalogy"

Herbal Home remedies for Stomach Diseases, Indigestion, Reasons, Symptoms, Causes -“Herbal Treatment”

अपच (बदहज़मी) (Indigestion) Indigestion – Reasons, Symptoms, Causes   परिचय:- अपच रोग आमाशय या आंतों के ठीक से काम न करने के कारण होता है। इस रोग के कारण रोगी व्यक्ति को खाया-पिया भोजन पचता नहीं है तथा उसे खट्टी डकारे आने लगती है। अपच रोग साधारण हो या बहुत अधिक यह आमाशय और आंतों की बहुत सारी बीमारियों के होने का कारण बनता है। आमाशय और आंतों की बहुत...

Read More »

Important and necessary steps to be taken in a disaster-“First Aid”

Important and necessary steps to be taken in a disaster Establish a command post in a safe area. Establish communication with hospitals or medical facilities, and other emergency units. The first aider should continue to be the triage officer until physician arrives on the scene. Set up a triage point in a safe area such that all victims to be taken to the ambulance pass through this point. Determine the...

Read More »

Companion planting: Advantages and impact of companion planting

Companion planting: Advantages and impact of companion planting Plants and trees, whatever their size, are all individual, each one being a composition of  many complex parts, besides the roots, trunks, stems, leaves, flowers, bark or   fruit that are visible to the naked eye. Within the   make-up of the plant or tree are fine substances that are either alien to other plants, trees and countless insects, or they are sympathetic to...

Read More »

History of Herbs

History of Herbs The history and romance of herbs is wreathed in the dim mists of time to intrigue and enchant us. Herbs are mentioned in the Bible many times in both the Old and New Testaments. They also appear in Greek mythology, fennel being an example. Legend has it that the god Prometheus went up to heaven holding a hollow fennel stalk in which he concealed some of the...

Read More »

Medicinal use of Nose Chikni-Sneeze Wort in Epilepsy

नाक छिकनी इसे जड़ों की एक क्षुप के रूप में देखा जा सकता है । इसके पत्ते छोटे होते हैं । इसके नीचे कंद होता है । गुण तथा लाभ जैसा नाम वैसा ही काम यानी जिस आदमी को छींक आनी शुरू हो जाती है । इसका सेवन मिरगी के मरीज को होश में लाने के लिए व् नशा उतरने के लिए किया जाता है । नाकछिकनी की तासीर गर्म...

Read More »

Medicinal use of VishKhpra in Bloody piles, Eye diseases

विषखपरा विषखपरा का पौधा बहुत छोटे कद का होता है । यह अक्सर जमीन पर फैलने पर क्षुप हैं । इस पर गुलाबी रंग के फुल खिलते हैं । इसकी जड़ सफेद रंग की तथा मोटी होती है । यह तीन रंगों में जन्म लेती है । 1. काला, 2.सफेद, लाल इनमें से लाल रंग का विषखपरा अधिक पैदा होता है । यह बात ध्यान रहे कि इसमें से लाल...

Read More »

Medicinal use of Srivas Gandhaviroja in Gonorrhea disease

श्रीवास (गंधाविरोजा) मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी जड़ी प्राकृतिक रूप से ही जन्म लेती है । भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में यह अधिक मात्रा में मिलती है । गुण तथा लाभ स्वाद कड़वा, तासीर गर्म वाट, पित्त, खांसी जैसे रोग को दूर करने में पूरी शक्ति रखती है । हर प्रकार के नेत्र रोग तथा खारिश-खुजली को दूर करने में समर्थ है । सुजाक रोग सुजाक रोग अति कष्टदायक...

Read More »

Medicinal use of Orris and Papaya