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Medicinal uses of herbal plant “Ativisha” in Ayurveda

अतिविषा यह चिरआयु वाला पौधा होता है | इसकी लंबाई करीब 30 से.मी. लेकर 100 से. मी. तक होती है | इस पर नीले रंग के फुल आते हैं | इस पर पांचधारी वाला काला फल लगता है जिसके अंदर 20 से 25 तक बीज होते हैं | यह पौधा हिमालय पहाड़ की 2100 से.मी. से लेकर 3800 से.मी. तक की ऊंचाई पर पाया जाता है, जिसे आप जुलाई, अगस्त,...

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Medicinal uses of herbal plant “Ashoka” in Ayurveda

अशोक  संस्कृत नाम – हेमपुष्प, ताम्र, पल्लव अशोक के वृक्ष, मध्य एवं पूर्वी हिमालय, बंगाल तथा दक्षिण भारत में आशिक पाए जाते हैं | प्राकृतिक रूप से पैदा होने वाला अशोक वाटिकाओं में, जंगलों में दिखाई देगा | इसका वृक्ष बिलकुल सीता खड़ा होता है | पतली टहनियों पर लंबे-लंबे हरे पते मन को भाते हैं, जो बहुत कोमल होते हैं | इन पर फल और फूल वसंत ऋतू में...

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Medicinal uses of “Gulab Flower (Rose)” in Ayurveda

गुलाब संस्कृत नाम – तरुणी, श्यमत्री, दुब्जक गुलाब का पौधा भी छोटा ही होता है | फूलों का राजा कहा जाने वाला गुलाब का फुल सबके ही मन को भाता है | इसकी गंध मन को प्रसन्न कर देती है, दिमाग को ताजा बनाकर उसकी थकान दूर कर देती है | गुलाब के फूलों से बनने वाली गुलकंद को रात को सोते समय, 250 ग्राम दूध के साथ सेवन करने...

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Medicinal uses of “Mongra” or “Radish” plant in Ayurveda

मोंगरा संस्कृत नाम – वार्थिक, मल्लिका  मोंगरे का पौधा छोटे कद का होता है | इस पर लंबे-लंबे हरे रंग के फल लगते हैं | जिन्हें मुंगरे की फलियां भी बोला जाता है | उनकी सब्जी बनाकर लोग खाते हैं | फोड़े-फुंसियों तथा चर्म रोगों के लिए  मोंगरे के पतों को पीसकर उनकी लुगदी तैयार कर लें | उस लुगदी को देसी घी में छोंककर गर्म करके फोड़े-फुंसियों तथा चर्म...

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Medicinal uses of “Sevanti herbal plant” in Ayurveda

सेवती संस्कृत नाम – तरुगी, शत्रपत्री कुब्ज        हिंदी – सदागुलाब, सेवती, गुलोचगुणता सेवती की वृक्ष छोटे कद का तथा सुंदर होता है |  इसके फल अथवा फुल को सूंघने से मस्तिष्क को पूर्ण शांति मिलती है | हृदय की जलन को दूर करने के लिए भी इसका सेवन अधिक अच्छा माना गया है; शरीर और माथे की गर्मी दूर करने के लिए  सेवती के फल    ...

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Medicinal benefits of “Amla” in Ayurveda

आमला : अमली, आमल्की जैसे इसके अनेक नाम हैं | लाभ  आमले का वृक्ष काफी बड़ा होता है | देखें नीचे आमले के वृक्ष के चित्र को | गुणकारी आमला कच्चा भी खाया जाता है | इसका मुरब्बा तथा अचार दोनों ही स्वाद के रूप में खाए जाते हैं | आमले की तासीर ठंडी होती है | मुरब्बा खाने से दिल के रोगों को आराम मिलता है तथा बुद्धि तीव्र...

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Medicinal uses of “Baheda” in Ayurveda

इसके अनेक नाम हैं जैसे विभीतक, कर्षफल | ये सबके सब संस्कृत नाम हैं | इसका वृक्ष बहुत बड़ा होता है | इसका फल बहुत छोटा होता है,  इसकी तासीर ठंडी होती है | अधिक मात्र में सेवन करने से गर्म फल का रूप धारण करता है | सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार के रोगों में इसका सेवन लाभदायक है | जैसे कि पाठकों को पहले भी बता चूका हूं कि...

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Medicinal uses of “Haritaki (Harad) in Ayurveda

हरड़ को अनेक नामों से पुकारा जाता है, कियोंकि हर रोग को दूर कर देती है इसलिए इसे हरीतकी भी कहते हैं | अनेक गुणों पर इस पौधे की एक नजर देखें | इस का कद मध्यम आकार का होता है गुणों से भरपूर यह प्राकृतिक रूप से जन्म लेता है | इसकी कोई फसल नहीं होती अपने-आप ही पैदा होकर खूब फलता-फूलता है | यह अधिकार हिमालय पर्वत पर...

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What is use of “Dhaak” or “Palash” in Ayurveda

ढाक :- ढाक, केसुधार ककारिया पलास, पलागाछ ढाक के गुण  ढाक की जड़ के रस से तांबा, पारा हरातल  ये तीनों भस्म मिलते हैं | यदि भाग्य प्रबल हो तो सुवर्ण भी बन जाता है| उसे इस तरह से बनाया जा सकता है की पारा  अथवा हरताल, किंवा तांबे का चुरा 30 ग्राम लेकर पहले, आक के दूध में तीन दिन तक घोटते रहें | अंत में ढाक की जड़...

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Medicinal uses of “Arka” or “Madar” in Ayurveda

आक :- लाल आक, सफ़ेद आक, महार, श्राकंद, पांडरी रुई, गु:आकड़ा, भोले आकड़ा, जैसे अनेक नामों से इसे पुकारा जाता है | आक के गुण तथा विवरण : इसका पौधा छोटे कद का, दो से तीन फुट तक ऊंचाई में होता है | इसके पते काफी चौड़े होते हैं | फुल सफ़ेद, पकने पर उनमें से सफ़ेद रुई के गुच्छे से निकलते हैं | इसके पत्ते तोड़ने से सफ़ेद दूध...

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Medicinal use of “Mint herbal plant” for “Ulcer and stomach problems “

  पोदीना का पौधा बहुत छोटे कद का होता है | इसके पते हरे और छोटे होते हैं | इसे आप हर मौसम में प्राप्त कर सकते हैं | पोदीने के लाभ : पोदीना के पतों को मिश्री में मिलकर मुह में रखकर धीरे-धीरे चूसते रहने से मुह के छाले ठीक हो जाते हैं | पोदीना के पते, मिश्री,  लौंग, काली मिर्च इन सबको पीसकर पानी के साथ सेवन करने से...

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Medicinal use of “Shyam Tulsi Plant” during snake bite. ओषधिय गुणों से भरपूर “तुलसी ” जानिए तुलसी के फायदे |

तुलसी के विषय में यह बात प्रसिद्ध  है की जो वायु तुलसी के पत्तो को छु कर आएगी वह शुद्ध और स्वस्थ्य के लिए उपयोगी होगी, क्योंकि इससे सारे विषेले कीटाणु अपने-आप नष्ट हो जाते है | तुलसी को संस्कृत में आज्रक बर्बरी, वनपर्व भी कहा जाता है | तुलसी के लाभ : श्याम्तुलसी के पत्तों का रस साप कटे मानव के शरीर पर यदि मला जाये तो सांप का...

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