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Medicinal uses of “Mongra” or “Radish” plant in Ayurveda

मोंगरा संस्कृत नाम – वार्थिक, मल्लिका  मोंगरे का पौधा छोटे कद का होता है | इस पर लंबे-लंबे हरे रंग के फल लगते हैं | जिन्हें मुंगरे की फलियां भी बोला जाता है | उनकी सब्जी बनाकर लोग खाते हैं | फोड़े-फुंसियों तथा चर्म रोगों के लिए  मोंगरे के पतों को पीसकर उनकी लुगदी तैयार कर लें | उस लुगदी को देसी घी में छोंककर गर्म करके फोड़े-फुंसियों तथा चर्म...

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Medicinal uses of “Sevanti herbal plant” in Ayurveda

सेवती संस्कृत नाम – तरुगी, शत्रपत्री कुब्ज        हिंदी – सदागुलाब, सेवती, गुलोचगुणता सेवती की वृक्ष छोटे कद का तथा सुंदर होता है |  इसके फल अथवा फुल को सूंघने से मस्तिष्क को पूर्ण शांति मिलती है | हृदय की जलन को दूर करने के लिए भी इसका सेवन अधिक अच्छा माना गया है; शरीर और माथे की गर्मी दूर करने के लिए  सेवती के फल    ...

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Medicinal benefits of “Amla” in Ayurveda

आमला : अमली, आमल्की जैसे इसके अनेक नाम हैं | लाभ  आमले का वृक्ष काफी बड़ा होता है | देखें नीचे आमले के वृक्ष के चित्र को | गुणकारी आमला कच्चा भी खाया जाता है | इसका मुरब्बा तथा अचार दोनों ही स्वाद के रूप में खाए जाते हैं | आमले की तासीर ठंडी होती है | मुरब्बा खाने से दिल के रोगों को आराम मिलता है तथा बुद्धि तीव्र...

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Medicinal uses of “Baheda” in Ayurveda

इसके अनेक नाम हैं जैसे विभीतक, कर्षफल | ये सबके सब संस्कृत नाम हैं | इसका वृक्ष बहुत बड़ा होता है | इसका फल बहुत छोटा होता है,  इसकी तासीर ठंडी होती है | अधिक मात्र में सेवन करने से गर्म फल का रूप धारण करता है | सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार के रोगों में इसका सेवन लाभदायक है | जैसे कि पाठकों को पहले भी बता चूका हूं कि...

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Medicinal uses of “Haritaki (Harad) in Ayurveda

हरड़ को अनेक नामों से पुकारा जाता है, कियोंकि हर रोग को दूर कर देती है इसलिए इसे हरीतकी भी कहते हैं | अनेक गुणों पर इस पौधे की एक नजर देखें | इस का कद मध्यम आकार का होता है गुणों से भरपूर यह प्राकृतिक रूप से जन्म लेता है | इसकी कोई फसल नहीं होती अपने-आप ही पैदा होकर खूब फलता-फूलता है | यह अधिकार हिमालय पर्वत पर...

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What is use of “Dhaak” or “Palash” in Ayurveda

ढाक :- ढाक, केसुधार ककारिया पलास, पलागाछ ढाक के गुण  ढाक की जड़ के रस से तांबा, पारा हरातल  ये तीनों भस्म मिलते हैं | यदि भाग्य प्रबल हो तो सुवर्ण भी बन जाता है| उसे इस तरह से बनाया जा सकता है की पारा  अथवा हरताल, किंवा तांबे का चुरा 30 ग्राम लेकर पहले, आक के दूध में तीन दिन तक घोटते रहें | अंत में ढाक की जड़...

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Medicinal uses of “Arka” or “Madar” in Ayurveda

आक :- लाल आक, सफ़ेद आक, महार, श्राकंद, पांडरी रुई, गु:आकड़ा, भोले आकड़ा, जैसे अनेक नामों से इसे पुकारा जाता है | आक के गुण तथा विवरण : इसका पौधा छोटे कद का, दो से तीन फुट तक ऊंचाई में होता है | इसके पते काफी चौड़े होते हैं | फुल सफ़ेद, पकने पर उनमें से सफ़ेद रुई के गुच्छे से निकलते हैं | इसके पत्ते तोड़ने से सफ़ेद दूध...

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Medicinal use of “Mint herbal plant” for “Ulcer and stomach problems “

  पोदीना का पौधा बहुत छोटे कद का होता है | इसके पते हरे और छोटे होते हैं | इसे आप हर मौसम में प्राप्त कर सकते हैं | पोदीने के लाभ : पोदीना के पतों को मिश्री में मिलकर मुह में रखकर धीरे-धीरे चूसते रहने से मुह के छाले ठीक हो जाते हैं | पोदीना के पते, मिश्री,  लौंग, काली मिर्च इन सबको पीसकर पानी के साथ सेवन करने से...

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