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Ayurveda Fruit “Apple” Egyptians used the apple as both a food and a medicine.

APPLE One of the first things a child learns is the alphabet, and almost always, “A is for apple.” The apple has been around for so long that it can be called the first fruit. Hieroglyphic writings found in the pyramids and tombs of the ancient Egyptians indicate that they used the apple as both a food and a medicine. It not only has been at the beginning of alphabet...

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Herbal Medicinal Plant “Ajmud” .

अजमुद अजमुद का बोटैनिकल नाम कैरम राक्स बिठरनियनम है | संस्कृत में इसे अजमुद तथा हिंदी में इसे अजमूदिया या अजमूत कहते हैं | यह पौधा भारत में सब जगह मिलता है, विशेष रूप से हिमालय की पहाडियों तथा पशिचमी घाट पर | यह अजवायन के पौधे जैसा ही होता है | इसके बीज गोल तथा हरापन लिए होते हैं | अजमुद का प्रयोग पेट व् पाचन क्रिया ठीक करने...

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पीलिया के रोग होने के तीन मुख्य कारण तथा पीलिया से केसे बचा जाये

पित्त दोष और पीलिया पीलिया का प्रमुख कारन दूषित जल एवं अखाद पदार्थों का सेवन है | इसे जोंडिस भी कहते हैं | यह यकृत की कार्य प्रणाली में अवरोध के कारण से उत्पन्न हो जाती है, जो अत्यधिक पित्तकारक आहार-विहार का सेवन करने से होती है, क्योंकि बढ़ा हुआ पित्त रस रक्त एवं त्वचा पर दूषित प्रभाव डालकर रोग उत्पन्न करता है | समय पर समुचित इलाज के आभाव...

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रोजाना स्वस्थ रहने के लिए कम से कम 45 मिनट पैदल चलें

स्वस्थ रहने के लिए पैदल चलें स्वस्थ व् निरोगी शरीर सबसे बड़ी पूंजी है | इसे बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम जरूरी है | व्यायाम कई प्रकार के हो सकते हैं, जिनमें प्रशिक्षण की आवश्यकता भी पड़ सकती है | एक व्यायाम ऐसा भी है, जिसे हर उम्र का व्यक्ति बिना परिक्षण के नियमत रूप से कर  सकता है और वह है पैदल चलना | स्वस्थ रहने के लिए...

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कुछ आयुर्वेदिक उपचार आपकी अच्छी सेहत के लिए।

आयुर्वेदिक इलाज मानव शरीर के भिभिन्न अवयवों में टांसिल्स का भी महत्वपूर्ण स्थान है | ये गले में श्वासनली और अन्ननली के साथ स्थित होते हैं | यह ग्रंन्थि मुँह में से होकर श्वासनली में प्रविष्ट होने वाले संक्रम्कों को रोकने का महत्वपूर्ण कार्य करती है | यधपि मानव शरीर में तीन प्रकार के टांसिल्स होते हैं | जजों तालू व् जीभ के अन्त में स्थित होते हैं लेकिन समान्यत:...

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अगर आप पुराने दमा से पीड़ित हैं तो एक जिंदा मछली निगलिए और बीमारी से निजात पाइए |

दमे का इलाज : जिंदा मछली निगलना अगर आप पुराने दमा से पीड़ित हैं तो एक जिंदा मछली निगलिए और बीमारी से निजात पाइए | दुबार फिर कभी एह बीमारी आप पर अपना असर नहीं डालेगी | हालाँकि एलोपैथक डाक्टरों, मेडिकल शोधर्थिओं और आयुर्वेद विशेषज्ञों  का अभी इस पर विशवास नहीं है | इस चीक पर जहां विवाद है वहीँ इसके समर्थक भी हैं | लगभग डेढ़ सौ साल से...

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अलसर से आंतो की बीमारी के कारण तथा उपचार

आँतों का दुश्मन: अल्सर जिस प्रकार मुहं में अथवा जीभ पर चाले हो जाते हैं , उसी प्रकार आमाशय की भीतरी परत पर अथवा छोटी अंत के उपरी हिस्से से जुड़े दुओदिन्म पर यदि चाले हो जाते हैं , तो उन्हें अल्सर कहते हैं | अल्सर, चालों के आकर से भी बड़े होते हैं एवं गहरे भी ज्यादा होते हैं | नासूर की तरह यदि अल्सर आमस्य में हों तो...

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केवल हल्दी से ही कितने तरह के घरेलु उपचार किये जा सकते है

त्वचा और हल्दी    हल्दी त्वचा के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है | त्वचा की कुछ समस्याओं के लिए इसका विभिन्न रूपों में उपयोग किया जाता है | फ़ोड़े-फुंसियां:- ये आमतौर पर खून की खराबी से उत्पन्न होती है | एक पाँव ताज़ी हल्दी, दो लीटर पानी में उबाल कर ठंडा कर लें | भोजन के आधा घंटा बाद इसका सेवन करें | यह खून साफ करेगा तथा भविष्य में...

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जानिए किस तरह आदत आपके लिए लाभदायक है और नुकसानदायक

आदत बुरी बला  निंदा का परिणाम है अनुताप | अकृत के प्रति दुष्कृत के प्रति जब अनुताप पैदा होता है तो मूर्च्छा का चक्र टूटता है | कोई भी आदमी गलत काम मूर्च्छा के कारण करता है | जैसे ही मूढ़ता टूटती है सही आचरण और सही व्यवहार होने लग जाता है | जैसे ही मूढ़ता टूटती है, सही आचरण और सही व्यहार होने लग जाता है | मोह और...

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पोषण में विटामिन को कैसे संतुलित लिया जाये आईये जाने

पोषण में विटामिन आज अगर विटामिन की खूबियों पर विश्वास करने वाले वैज्ञानिकों व लोग दुनिया में है तो इससे ज्यादा लोगों का विचार यह है कि अतिरिक्त मात्र में विटामिनों के सेवेन से कोई फायदा नहीं होता | कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्भवस्था और बचपन को छोडकर हमें अपने पुरे जीवनकाल में जितनी मात्र में विटामिनों की आव्श्यकता होती है, सभी हमे अपने दैनिक आहार से कितने...

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अच्छे स्वस्थ्य को बनाये रखने के लिए कुछ जरूर बाते जिनका जानना आपके लिए जरूरी है।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए शरीर का सोधन या दोषों को बाहर निकालने के प्रक्रिया पंचकर्म है, जिसमे शरीर के बाह्य तथा आंतरिक विकारों को निकालने के लिए सरल उपाय होते है जिससे शरीर सुध हो जाता है | इससे पुनः रोगोत्पत्ति की संभावना नही होती | जिस प्रकार मैला वस्त्र ठीक प्रकार धोने से स्वच्छ एवम् उज्ज्वल हो जाता है, उसी प्रकार पंचकर्म से मानसिक वृद्धि होत्री है | आयुर्वेद...

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विकासशील समाज और स्वास्थ्य को स्वस्थ रखना सबसे महत्व पूर्ण है।

विकासशील समाज और स्वास्थ्य तंदरुस्त चुस्त व फुर्तीला रहने के लिए नियमित व्यायामशाला में जाकर पसीना बहाना जरूरी नही है | जरूरी सिर्फ इतना है कि इतना श्रम शरीर से किया जाए कि पूरा शरीर हरकत में आ जाए | पाचन शक्ति बढ़ जाए ओर अतरिक्त कैलोरी जमा न हो जाए | नवीनतम चिक्त्सिव अध्ययन ने तो यह साबित क्र दिया है की हल्की सि शारीरिक क्रिया भी कोलस्ट्रोल उच्च...

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