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सुदर्शन

sudarshan1यह सारे भारत में तथा देवस्थानों पर लगा मिलता है । इसका पौधा 4 फुट (1 मीटर) के लगभग लंबा होता है । पत्ते भूमि से निकलते हुए दिखाई देते हैं, जो काफी लंबे होते हैं ।

इसके फुल बगनी रंग की आभा लिए सुंगधित होते हैं । इसकी कांड 3 से 5 इंच तक लंबी होती है ।

गुण

रुक्षतीक्ष्ण रस मधुर तिक्स्त
वीर्य, उष्ण विपाक मधुर

लाभ

काम के अंदर जख्म हो अथवा दर्द हो तो सुदर्शन के पत्तों को गर्म करके उसका रस निकालकर एक-एक बूंद दिन में तीन बार कान में डालने से रोग से मुक्ति मितली है ।

चर्म रोगों में

सुदर्शन के पत्तों को गर्म करके अरंडी का तेल लगाकर रोग वाले स्थान पर लगाने से आराम मिलेगा । सुदर्शन के पत्तों का रस निकालकर भे चर्म रोग में लगाया जा सकता है ।

खांसी

खांसी रोग में कंद स्वरस का बमन कराने हेतु 10-10 ग्राम की मात्रा में देते हैं ।

बुखार

सुदर्शन के पत्तों का चूर्ण दिन में तीन बार एक-एक चम्मच सेवन करने से बुखार ठीक हो जाता है ।

Sudarshan

sudarshanIt hit all over India and Devsthanon get. The plant 4 feet (1 meter) around long. Cards appear when you leave the ground, which is quite long.

The sweet-scented purple aura are full of it. The case of 3 to 5 inches in length.

Benefit

If pain or wounds inside job comely leaves drop by heating the juice three times a day to put in the ear is a cure nausea.

Skin diseases

Sudarshan leaves warm castor oil and apply on the place to relax with a disease. Sudarshan juice of the leaves can be applied in skin diseases Sent.

Cough

Boman Swrs loaf of cough disease tend to deliver 10-10 grams.

fever

Sudarshan powder leaves three times a day by taking one teaspoon cures fever.

One thought on ““Sudarshan (सुदर्शन)” medicinal uses in Ayurveda

  1. kalpana says:

    koi side effect ni hai kyaa iska

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